यश भारत विशेष : विवाह में आ रही बाधाएं दूर करने बंडोल पहुंच रहे युवक-युवतियां, मां कात्यायनी के दरबार में हो रहा विशेष पूजन… देखें पूरा वीडियो
नवरात्रि के छठवें दिन उमड़ती है श्रद्धालुओं की आस्था, मनोकामना पूरी होने पर दंपती दोबारा पहुंचकर करते हैं पूजा-अर्चना

सिवनी। जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर बंडोल स्थित मां कात्यायनी माता मंदिर में शारदेय नवरात्र के छठवें दिन श्रद्धालुओं की विशेष आस्था देखने को मिल रही है। नवरात्रि के इस पावन अवसर पर विवाह योग्य युवक-युवतियां अपने विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने और मनोकामना पूर्ति की कामना लेकर माता के दरबार में पहुंच रहे हैं। मंदिर में विशेष पूजन-अर्चन कर सुखद वैवाहिक जीवन और मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए प्रार्थना कर रहे है।
हिंदू धर्म में नवरात्रि के छठवें दिन मां दुर्गा के छठवें स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा का विशेष महत्व माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कात्यायनी की सच्चे मन से आराधना करने से भक्तों को साहस, शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। विशेष रूप से विवाह में विलंब का सामना कर रहे युवक-युवतियों के लिए मां की उपासना को फलदायी माना जाता है।
बंडोल स्थित मां कात्यायनी मंदिर में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। कई परिवार अपने बेटे-बेटियों को लेकर माता के दरबार में आते हैं, जिनके विवाह में किसी कारण से देरी हो रही है या रिश्ते तय होने में परेशानियां आ रही हैं। मंदिर में पुजारियों के मार्गदर्शन में धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजन-अर्चन कराया जाता है। श्रद्धालु माता से शीघ्र विवाह और वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
स्थानीय लोगों के बीच ऐसी मान्यता प्रचलित है कि माता के दरबार में सच्चे मन से की गई प्रार्थना से विवाह संबंधी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। जिन श्रद्धालुओं की मन्नत पूरी हो जाती है, उनमें से कई दंपती विवाह के बाद भी मंदिर पहुंचकर माता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए पूजा-अर्चना करते हैं।
धार्मिक परंपरा में विशेष महत्व
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मां कात्यायनी की आराधना से भय, कष्ट और बाधाओं से मुक्ति तथा जीवन में सफलता की कामना की जाती है। नवरात्रि के छठवें दिन भक्त मां को पुष्प, फल और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर सुख-शांति की प्रार्थना करते हैं। बंडोल का मां कात्यायनी मंदिर इसी धार्मिक आस्था के कारण क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। हालांकि, विवाह संबंधी मनोकामनाओं की पूर्ति धार्मिक विश्वास का विषय है, लेकिन मंदिर में लोगों की श्रद्धा और पारिवारिक आस्था इसे विशिष्ट पहचान देती है।







