सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से टर्न आया नया मोड़, भोपाल कोर्ट की सुनवाई पर लगी रोक

ट्विशा शर्मा मौत मामला: सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से टर्न आया नया मोड़, भोपाल कोर्ट की सुनवाई पर लगी रोक
भोपाल, यशभारत। चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में सुप्रीम कोर्ट के एक कड़े और अहम फैसले ने पूरे प्रकरण की दिशा बदल दी है। देश की सर्वोच्च अदालत ने मृतका के पिता नवनिधि शर्मा द्वारा दायर ट्रांसफर याचिका पर सुनवाई करते हुए भोपाल सत्र न्यायालय में चल रही पूरी न्यायिक प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के इस आदेश के बाद कानूनी गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
निष्पक्षता की आस में सुप्रीम कोर्ट पहुंचे परिजन
मृतका के ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा ने मामले की निष्पक्ष जांच और सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए इसे भोपाल से बाहर विशेषकर दिल्ली या किसी अन्य उपयुक्त अदालत में स्थानांतरित करने की गुहार लगाई थी। इस याचिका को गंभीरता से लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की और आरोपी पक्ष को अपना पक्ष व जवाब प्रस्तुत करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। अदालत का यह रुख पीड़ित परिवार के लिए न्याय की लड़ाई में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
क्या है 12 मई की वह घटना और CBI जांच का पेंच?
यह पूरा मामला 12 मई को सामने आया था, जब ट्विशा शर्मा अपने घर में फंदे पर लटकी हुई मिली थीं। इस घटना के बाद से ही उनकी मौत के कारणों को लेकर तीखा विवाद और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। जहां एक ओर आरोपी पक्ष इसे आत्महत्या का मामला बता रहा है, वहीं दूसरी ओर पीड़ित परिवार शुरू से ही इसमें गहरी साजिश और हत्या की आशंका जता रहा है। परिजनों के कड़े विरोध और दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग के चलते लंबे समय तक शव लेने की प्रक्रिया भी रुकी रही थी।
इस हाई-प्रोफाइल मामले की तह तक जाने के लिए जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो के हाथों में सौंपी गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच एजेंसी ने अपनी चार्जशीट में दहेज मृत्यु जैसे गंभीर आरोप के स्थान पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप शामिल किया है, जिसे लेकर कानूनी जानकारों और परिजनों के बीच लगातार बहस छिड़ी हुई है।
जबलपुर हाई कोर्ट में जमानत याचिका पर भी टकटकी
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बीच, इस मामले में आरोपी गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर जबलपुर हाई कोर्ट में भी सुनवाई प्रस्तावित है। इस मोर्चे पर भी न्याय की आस लगाए बैठे लोगों की पैनी नजरें टिकी हुई हैं। बहरहाल, सुप्रीम कोर्ट में केस ट्रांसफर की याचिका पर अगली कार्रवाई आरोपी पक्ष का जवाब सामने आने के बाद ही होगी, जिसके बाद ही यह तय हो पाएगा कि मामले की आगामी सुनवाई भोपाल में ही होगी या इसे किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा।







