श्रीराम के त्याग और केवट की अनन्य भक्ति देख भावविभोर हुए दर्शक, गोल बाजार रामलीला मैदान में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़

कटनी, यशभारत। गोलबाजार स्थित रामलीला मैदान में भगवान श्रीराम के वनवास और राम-केवट संवाद के प्रसंगों का भावपूर्ण मंचन किया गया। महंत धरमराज पाठक की मंडली के कलाकारों ने सजीव अभिनय और प्रभावशाली संवादों के माध्यम से रामायण के इन महत्वपूर्ण प्रसंगों को जीवंत कर दिया। मंचन देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक पहुंचे। भगवान श्रीराम के वनगमन के प्रसंग ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया, वहीं राम-केवट संवाद ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। राम वनवास के प्रसंग में भगवान श्रीराम के त्याग, मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा और पिता के वचन के प्रति समर्पण को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। राजमहल का सुख छोडक़र वन जाने के लिए तैयार श्रीराम के चरित्र ने दर्शकों को मर्यादा और कर्तव्यपालन का संदेश दिया। कलाकारों के भावपूर्ण अभिनय और सशक्त संवादों ने प्रसंग की संवेदनशीलता को मंच पर साकार कर दिया। इसके बाद राम केवट संवाद का मंचन हुआ, जिसमें केवट की अनन्य भक्ति, श्रद्धा और समर्पण का मनोहारी चित्रण किया गया। भगवान श्रीराम और केवट के बीच संवादों ने दर्शकों का मन मोह लिया। कलाकारों की सजीव प्रस्तुति के दौरान दर्शक पूरी तन्मयता से रामलीला देखते रहे। गौरतलब है कि गोल बाजार की रामलीला शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों का आनंद लेते हैं। रामलीला के माध्यम से समाज को सत्य, त्याग, भक्ति, मर्यादा और कर्तव्यपालन जैसे आदर्शों का संदेश दिया जा रहा है।







