जहां दिग्विजय, वहां गैर राजनीतिक यात्रा कैसे? अमृता सिंह बोलीं- सतपुड़ा जैसा विशाल हृदय है दिग्विजय का

जहां दिग्विजय, वहां गैर राजनीतिक यात्रा कैसे? अमृता सिंह बोलीं- सतपुड़ा जैसा विशाल हृदय है दिग्विजय का
सनातन स्वाभिमान यात्रा से पहले संघ चंदे ईवीएम और लोकतंत्र पर दिग्विजय के तीखे सवाल , 20 अक्टूबर को उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा
भोपाल यश भारत। पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की 20 अक्टूबर से प्रस्तावित सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा से पहले उनके समर्थन में आयोजित कार्यक्रम में उनकी पत्नी अमृता सिंह ने दिग्विजय सिंह को ‘सतपुड़ा के समान विशाल हृदय वाला बताया। उन्होंने कहा कि देश के मौजूदा हालात से लोगों को ज्यादा परिचित कराने की जरूरत नहीं है। वहीं दिग्विजय सिंह ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) लोकतंत्र ईवीएम मतदाता सूची और धार्मिक संस्थाओं में पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि विजयादशमी अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है और इसी दिन उज्जैन के महाकाल से अयोध्या तक यात्रा शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि जैसे नर्मदा यात्रा को राजनीतिक रूप नहीं दिया गया था वैसे ही इस यात्रा को भी राजनीति से नहीं जोड़ा जाएगा। उनके अनुसार यात्रा का उद्देश्य सनातन धर्म के मूल स्वरूप सत्य श्रद्धा और सामाजिक सद्भाव की बात लोगों तक पहुंचाना है। यात्रा करीब 930 किलोमीटर की होगी और करीब 70 दिन में पूरी करने की योजना है।
आरएसएस और लोकतंत्र पर निशाना
दिग्विजय सिंह ने आरएसएस को लेकर कहा कि वे लंबे समय से संगठन की विचारधारा के विरोधी रहे हैं। उन्होंने महात्मा गांधी की हत्या नाथूराम गोडसे और संघ की विचारधारा को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने यह भी पूछा कि संगठन को मिलने वाली आर्थिक सहायता और चंदे की पारदर्शिता की जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की जाती। विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों और कथित भ्रष्टाचार को लेकर भी उन्होंने गंभीर आरोप लगाए हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री रहते संस्थानों पर इस तरह का दबाव नहीं था जैसा वे वर्तमान दौर में महसूस करते हैं। दिग्विजय ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर लगातार दबाव बढ़ा है।
ईवीएम और मतदाता सूची का मुद्दा भी उठाया
दिग्विजय सिंह ने ईवीएम की कार्यप्रणाली और सॉफ्टवेयर की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि मतदाता को यह भरोसा होना चाहिए कि उसका वोट उसी उम्मीदवार को गया है, जिसे उसने चुना। उन्होंने ईवीएम के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने और मतदाता सूची में नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा की मांग दोहराई।
उन्होंने डिजिटल याचिका के जरिए निष्पक्ष चुनाव, मतदाता सूची में पारदर्शिता और बैलेट पेपर से मतदान की मांग का समर्थन करने की अपील भी की है। यात्रा और अभियान के संदर्भ में उन्होंने चंदा चोरी और धार्मिक स्थलों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
सनातन अनंत है, उसका मूल संदेश विश्व कल्याण
दिग्विजय सिंह ने कहा कि सनातन का अर्थ अनंत है और इसकी मूल भावना विश्व कल्याण तथा सभी को अपना मानने की है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक और आर्थिक हितों के लिए सनातन धर्म की मूल भावना को प्रभावित किया जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर वे उज्जैन से अयोध्या तक जनजागरण यात्रा निकाल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान धार्मिक स्थलों पर दर्शन और अनुष्ठान होंगे तथा अयोध्या में रामलला के दर्शन के साथ यात्रा का समापन होगा।







