लालपुर चौक फुटपाथ पर अतिक्रमण ,नशेड़ियों का अड्डा बना

यशभारत रायपुर। राजधानी रायपुर के जोन क्रमांक 10, वार्ड क्रमांक 55 रविंद्रनाथ टैगोर वार्ड में स्थित लालपुर चौक के फुटपाथ पर दुकानदारों और स्ट्रीट वेंडरों द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया है। अवैध रूप से दुकान, ठेले संचालित किए जा रहे हैं।यह चौक NH-30 पचपेड़ी नाका से धमतरी मार्ग पर स्थित है और राजधानी के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है, जो न्यू राजेंद्र नगर और कमल विहार को आपस में जोड़ता है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार फुटपाथ पर लगभग 15 से 20 स्ट्रीट वेंडरों, अमृतुल्य , पान ठेले , एग रोल सेंटर वालों और व्यवसायियों ने कब्जा कर रखा है।फुटपाथ पर कब्जा होने से पैदल यात्रियों को मुख्य सड़क पर चलना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटना का भय बना रहता है। लालपुर चौक पर मालवाहक, बाइक, साइकिल से लेकर बड़ी गाड़ियों की आवाजाही अधिक होने से यहाँ आए दिन जाम और दुर्घटना की स्थिति बनती है।

10 महीने पहले निगम ने की थी कार्रवाई, फिर सजा अतिक्रमण
आपको बता दें कि इसी ओवरब्रिज के नीचे लगे फुटपाथ पर करीब 10 महीने पहले नगर निगम ने कार्रवाई कर सभी अवैध दुकानों को तोड़ दिया था और उन्हें अन्य स्थान पर स्थापित किया था। नगर निगम का आरोप था कि दुकानदार बिना अनुमति के फुटपाथ पर अवैध रूप से दुकानें लगा रहे हैं और दुकान की आड़ में नशाखोरी का अड्डा बना रखा है।

नशेड़ियों का अड्डा, नाले में शराब की बोतलें
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात 12 बजे तक यहाँ नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है। दुकानों के पीछे नशेड़ियों के बैठने की व्यवस्था तक कर दी गई है, जहाँ सिगरेट, बीड़ी और शराब जैसे मादक पदार्थों का सेवन किया जाता है, जिससे क्षेत्र में अपराध बढ़ रहा है।इन दुकानों के पीछे स्थित नाला पूरी तरह से दुकानों से निकलने वाले कचरे और शराब की बोतलों से जाम हो चुका है। दुकानों के पीछे बड़ी संख्या में शराब की खाली बोतलें पड़ी हुई हैं, जिसके कारण बरसात के मौसम में लालपुर चौक की सड़क पर पानी भर जाता है। दुकान के पीछे प्लास्टिक, पॉलीथिन, अण्डे के छिलके का जमावड़ा हैं।
वहीं लालपुर ओवरब्रिज के नीचे फल विक्रेताओं ने भी अवैध रूप से लंबी-चौड़ी दुकानें लगा रखी हैं, जिससे ओवरब्रिज के एक तरफ से दूसरी तरफ पार करने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
निगम द्वारा लगातार कार्रवाई के बावजूद फुटपाथ पर दोबारा अतिक्रमण कर लिया गया है, अतिक्रमणकारियों में कानून और नगर निगम की कार्रवाई का कोई डर नहीं रह गया है।







