लापरवाही पर चला प्रशासनिक हंटर: स्कूलों के निर्माण में देरी, कलेक्टर ने एजेंसी को 3.68 करोड़ का लगाया जुर्माना

दमोह। जिले में निर्माणाधीन छह सांदीपनि विद्यालयों के निर्माण में देरी और सामने आई अनियमितताओं पर कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने सख्त रुख अपनाया है। संबंधित निर्माण एजेंसी पर 3 करोड़ 68 लाख 18 हजार रुपए की शास्ति आरोपित की गई है। इसे अब तक की सर्वाधिक शास्ति बताया गया है।
कलेक्टर ने निर्माणाधीन विद्यालयों का निरीक्षण कर कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और अनियमितताओं की समीक्षा की। छहों विद्यालयों का निर्माण वर्ष 2025 में पूरा होना था, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो सके। इसके चलते विद्यार्थियों को प्रस्तावित आधुनिक सुविधाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पा रहा है।
निरीक्षण के दौरान सामने आई अनियमितताओं पर संबंधित निर्माण एजेंसी PIU को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सभी छह विद्यालयों का निर्माण दिसंबर तक पूरा कर विभाग को हैंडओवर किया जाए, ताकि आगामी शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थी इन भवनों का उपयोग कर सकें।
समय पर काम नहीं तो ब्लैकलिस्ट की कार्रवाई
कलेक्टर ने कहा कि निर्धारित समयसीमा में निर्माण पूरा नहीं होने पर और सख्त कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर PIU के माध्यम से संबंधित एजेंसी को ब्लैकलिस्ट कराने की कार्रवाई भी की जाएगी।
निर्माण सामग्री के सैंपल जांच के लिए भेजे
निरीक्षण में निर्माण गुणवत्ता को लेकर भी कमियां सामने आई हैं। कलेक्टर ने तकनीकी टीम भेजकर निर्माण कार्य की जांच कराने के निर्देश दिए। निर्माण सामग्री के सैंपल PWD के कार्यपालन यंत्री को सौंपे गए हैं। इन्हें बिना पूर्व सूचना के अन्य लैब में भेजकर गुणवत्ता परीक्षण कराने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट प्राप्त होना शेष है।







