बिना आईडी रूम, फिर विवाद और अपराध; होटल संचालकों पर कार्रवाई कब?

जबलपुर,यशभारत। शहर में होटल और लॉज में मेहमानों की पहचान संबंधी नियमों के पालन को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। हाल के महीनों में होटलों से जुड़े विवाद, ब्लैकमेलिंग, संदिग्ध मौत और आपत्तिजनक गतिविधियों के मामले सामने आने के बाद यह मुद्दा फिर चर्चा में है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि कुछ होटल संचालक मोटी कमाई के चक्कर में आवश्यक पहचान और रिकॉर्ड की औपचारिकताओं की अनदेखी कर कमरा उपलब्ध करा रहे हैं। वहीं, राजनीतिक दबाव और पुलिस संरक्षण के आरोप भी लगाए जा रहे हैं।
2 अक्टूबर : बैलेंसिंग रॉक में पत्नी ने पति को दूसरी महिला के साथ पकड़ा
गढ़ा थाना क्षेत्र के बारदा चौक स्थित होटल बैलेंसिंग रॉक में 2 अक्टूबर को उस समय हंगामा हो गया, जब एक महिला अपने पति को दूसरी महिला के साथ होटल में देखकर भड़क गई। महिला ने पति पर लंबे समय से दूसरी महिला से संबंध होने का आरोप लगाया। घटना का वीडियो भी सामने आया, जबकि पुलिस कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी रिपोर्ट के समय सामने नहीं आई थी।
27 सितंबर : टिमटिम होटल में पति-पत्नी और अधिवक्ता के बीच विवाद
राइट टाउन स्थित होटल टिमटिम में 27 सितंबर को पति ने अपनी पत्नी को एक अधिवक्ता के साथ होटल में देखा। इसके बाद विवाद बढ़कर मारपीट और हंगामे में बदल गया। मामले में अलग-अलग पक्षों ने अलग-अलग दावे किए हैं और पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
21 सितंबर : होटल कदम ट्री में हनीट्रैप का मामला
गोपालबाग स्थित होटल कदम ट्री में पुलिस ने हनीट्रैप और कथित ब्लैकमेलिंग के मामले में कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, एक महिला ने रियल एस्टेट कारोबारी से रकम की मांग की थी और पुलिस की योजना के तहत होटल में मिलने पहुंची महिला को 2.50 लाख रुपये की कथित पहली किस्त लेते गिरफ्तार किया गया।
मई : होटल रिलैक्स इन में महिला की संदिग्ध मौत
धनवंतरी नगर क्षेत्र के होटल रिलैक्स इन में मई 2026 में एक महिला का शव मिलने से सनसनी फैल गई थी। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, होटल के कमरे में महिला के साथ केवल एक व्यक्ति की पहचान संबंधी जानकारी दर्ज होने का मामला जांच के दायरे में आया था। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर जांच की थी।
2022 का मेखला रिजॉर्ट हत्याकांड भी बना था बड़ा सवाल
8 नवंबर 2022 को तिलवारा थाना क्षेत्र स्थित मेखला रिजॉर्ट में एक युवती का शव मिला था। जांच में सामने आया कि आरोपी युवक फर्जी पहचान के आधार पर होटल में ठहरा था। बाद में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया था। यह मामला भी होटल में पहचान सत्यापन और रिकॉर्ड रखने की गंभीरता को सामने लाता है।
नियमों के पालन पर पुलिस की जिम्मेदारी भी अहम
होटल संचालकों के लिए प्रत्येक अतिथि की पहचान, बुकिंग और ठहरने का रिकॉर्ड सही तरीके से रखना सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। किसी अतिथि की पहचान छिपाने, गलत जानकारी दर्ज करने या फर्जी पहचान के इस्तेमाल की स्थिति में संबंधित कानूनों और स्थानीय प्रशासनिक आदेशों के तहत कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, प्रत्येक मामले में लागू धाराएं और कार्रवाई घटनाक्रम तथा जांच के तथ्यों पर निर्भर करती है।
नियमित जांच और प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं
सवाल अब यह है कि नियमों की अनदेखी करने वाले होटल संचालकों पर नियमित जांच और प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? शहर में सामने आ रही घटनाओं के बीच होटल-लॉज की जांच, अतिथियों के पहचान रिकॉर्ड का सत्यापन और नियमों के उल्लंघन पर जिम्मेदारी तय करने की मांग जोर पकड़ रही है। यदि कहीं राजनीतिक दबाव या पुलिस संरक्षण के आरोप लगाए जा रहे हैं तो उनकी भी निष्पक्ष जांच कर तथ्य सार्वजनिक किए जाने की जरूरत है।








