यशभारत अपडेट : दलपत पटेल की मौत के बाद भड़का आक्रोश, पन्ना मोड़ पर शव रखकर प्रदर्शन, मामले की निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद माने परिजन

कटनी, यशभारत। कुठला थाना परिसर में ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाने वाले इंद्रा नगर निवासी दलपत पटेल की जबलपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत के बाद पुलिस की निगरानी में शव को कटनी लाया गया। शव इंद्रा नगर के पन्ना मोड़ पहुंचते ही परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर पन्ना मार्ग को जाम कर दिया। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
दरअसल, कुछ दिन पहले कुठला थाना परिसर में दलपत पटेल द्वारा ज्वलनशील पदार्थ डालकर खुद को आग लगाने का मामला सामने आया था। घटना के बाद पुलिसकर्मियों ने आग बुझाकर दलपत पटेल को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया था। हालत गंभीर होने पर उसे जबलपुर रेफर किया गया, जहां देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
दलपत पटेल की मौत के बाद जब उसका शव कटनी लाया गया, तो इंद्रा नगर के पन्ना मोड़ पर परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रदर्शन के दौरान शव को सड़क पर रखे जाने से मार्ग पर आवागमन भी प्रभावित हुआ।
मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस की मौजूदगी में स्थिति पर नजर रखी गई और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास किए गए। वहीं, मृतक के परिजनों की मांग है कि पूरे घटनाक्रम की जांच कर दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। परिजनों की एक अन्य मांग यह भी है कि परिवार के किसी सदस्य के खिलाफ कार्रवाई या प्रकरण दर्ज न किया जाए। हालांकि, इन मांगों और पुलिस पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है।
बताया जा रहा है कि पूरा मामला चोरी की एक शिकायत से जुड़ा था। शिकायतकर्ता राकेश केसरवानी की शिकायत पर पुलिस ने दलपत पटेल के बेटे मोहित पटेल को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू की थी। पुलिस की जांच के दौरान कथित तौर पर चोरी गया मशरूका और जेवर बरामद किए जाने की बात सामने आई थी। इसी मामले में दलपत पटेल की पत्नी गुड्डी बाई को लेकर भी पुलिस पूछताछ कर रही थी। आरोप है कि चोरी का सामान सोनी नामक व्यक्ति के यहां बेचने के लिए ले जाने के मामले में गुड्डी बाई को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया था और मामले में उसे सह-आरोपी बनाया गया था। इसी पूरे मामले को लेकर दलपत पटेल भी थाने पहुंचा था। इसी दौरान थाना परिसर में उसने ज्वलनशील पदार्थ डालकर खुद को आग लगा ली थी। गंभीर रूप से झुलसे दलपत को पहले कटनी जिला अस्पताल और फिर जबलपुर रेफर किया गया था, जहां देर रात उसकी मौत हो गई।
फिलहाल दलपत पटेल की मौत के बाद परिजन पन्ना मोड़ पर शव रखकर प्रदर्शन कर रहे हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। मामले की निष्पक्ष जांच और आर्थिक सहायता के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हुआ।







