पानी और पहाड़ों का रंग हुआ एक : धरती पर दिखा कुदरत का अद्भुत नजारा…. देखें पूरा वीडियो

सिवनी यश भारत:-सिवनी जिले में इन दिनों कुदरत का एक ऐसा नजारा सामने आया है, जो लोगों को बरबस अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। घंसौर विकासखंड में बरगी बांध के डूब क्षेत्र में मानसून की बारिश के बाद पानी और पहाड़ों का रंग एक होता दिखाई दे रहा है। विशाल जलराशि के बीच हरी-भरी पहाड़ियों का प्रतिबिंब पानी में उतरकर ऐसा दृश्य बना रहा है, मानो प्रकृति ने स्वयं कोई खूबसूरत चित्रकारी कर दी हो।
बारिश के बाद क्षेत्र की पहाड़ियां हरियाली से ढक गई हैं। वहीं बरगी बांध के बैकवाटर में पानी का विस्तार कई किलोमीटर तक दिखाई देता है। बादलों से घिरा आसमान, शांत जलराशि, पहाड़ियों पर छाई हरियाली और पानी में बनते प्रतिबिंब इस पूरे क्षेत्र की खूबसूरती को और बढ़ा रहे हैं। सुबह और शाम के समय यहां का दृश्य विशेष रूप से आकर्षक दिखाई देता है। यही वजह है कि स्थानीय लोग और प्रकृति प्रेमी इस क्षेत्र की तस्वीरें और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं।
पर्यटन की नई संभावनाएं
सिवनी जिले की पहचान पहले से ही पेंच टाइगर रिजर्व और ‘मोगली की धरती’ के रूप में रही है। इसके अलावा अमोदा गढ़ सहित जिले के कई प्राकृतिक स्थल पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। ऐसे में बरगी बांध का डूब क्षेत्र प्राकृतिक पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित होने की संभावनाएं रखता है।
यदि क्षेत्र में सुरक्षित पहुंच मार्ग, व्यू प्वाइंट, बैठने की व्यवस्था, सूचना संकेतक, स्वच्छता सुविधाएं और स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित गाइड जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएं, तो यहां पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और छोटे व्यवसायों के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
बरगी बांध का जलाशय मुख्य रूप से नर्मदा नदी पर बने बरगी बांध से जुड़ा है और इसका बैकवाटर सिवनी के घंसौर क्षेत्र तक फैला हुआ है। बारिश के मौसम में जलस्तर बढ़ने के साथ आसपास की पहाड़ियां और जलराशि मिलकर क्षेत्र को अलग ही स्वरूप प्रदान करती हैं। प्रकृति की इस खूबसूरती को व्यवस्थित रूप से पर्यटन मानचित्र पर स्थान मिलने से सिवनी के प्राकृतिक पर्यटन को एक नई पहचान मिल सकती है।







