एमपी में बिना वैरिफिकेशन गधे के नाम जारी हुआ नर्सिंग सर्टिफिकेट

एमपी में बिना वैरिफिकेशन गधे के नाम जारी हुआ नर्सिंग सर्टिफिकेट
भोपाल, यशभारत। मध्यप्रदेश में नर्सिंग शिक्षा सुधार के सरकारी दावों के बीच नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल का ऑनलाइन पोर्टल तकनीकी सुरक्षा के मोर्चे पर बुरी तरह फेल साबित हुआ है। सिस्टम में खामियों और लापरवाही की हद यह है कि पोर्टल ने बिना किसी भौतिक या डिजिटल वैरिफिकेशन के गधे की तस्वीर वाले आवेदन पर भी नर्सिंग रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी कर दिया।
एनएसयूआई द्वारा किए गए इस स्टिंग/परीक्षण ने राज्य में चल रहे ऑनलाइन सत्यापन सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है। जानकारों के अनुसार, किसी भी राज्य चिकित्सा या नर्सिंग काउंसिल के पोर्टल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या मानव सत्यापन की कम से कम दो-स्तरीय सुरक्षा प्रक्रिया होती है। हालांकि, MPNRC के पोर्टल पर किसी भी पहचान पत्र या शैक्षणिक दस्तावेज की वास्तविक जांच नहीं की जा रही है, जिससे फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कोई भी व्यक्ति रजिस्टर्ड नर्स का दर्जा प्राप्त कर सकता है।
छात्र संगठनों ने इस पूरे घटनाक्रम को केवल तकनीकी त्रुटि न मानकर एक बड़े प्रशासनिक घोटाले की आशंका जताई है। मांग की जा रही है कि ऑनलाइन सिस्टम को तत्काल प्रभाव से रोककर पूरे सॉफ्टवेयर और सत्यापन में शामिल अधिकारियों की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए।







