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महाआरती के बीच करंट ने बुझाया घर का चिराग, पहले से था करंट का खतरा, फिर भी नहीं चेते जिम्मेदार?, देखे वीडियो …..

जबलपुर, यशभारत। धनवंतरी नगर चौकी क्षेत्र के जासूजा सिटी फेस-3 स्थित गणेश पंडाल में करंट की चपेट में आने से 16 वर्षीय शौर्य चानपुरिया की मौत ने शहर में पिछले साल हुए बरगी हिल्स हादसे की याद ताजा कर दी है। सितंबर 2025 में तिलवारा थाना क्षेत्र के बरगी हिल्स में दुर्गा पूजा पंडाल के पास खेलते समय लोहे के पाइप या सजावट के खंभे में उतरे करंट की चपेट में आने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई थी। उस हादसे के बाद प्रशासन ने जांच के आदेश दिए थे और समिति के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।

एक साल बाद फिर पंडाल में करंट से मौत

अब एक बार फिर धार्मिक आयोजन के पंडाल में विद्युत सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। बुधवार रात जासूजा सिटी फेस-3 में गणेश पंडाल में महाआरती के दौरान शौर्य करंट की चपेट में आ गया। बताया गया कि टेबल उठाते समय उसे करंट का झटका लगा और वह जमीन पर गिर पड़ा। दोस्तों और मौजूद लोगों ने उसे तत्काल मेडिकल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बताया गया कि बुधवार रात करीब सवा 9 बजे गणेश पंडाल में महाआरती चल रही थी। शौर्य अपने दोस्तों के साथ पंडाल में मौजूद था। इसी दौरान टेबल उठाते समय उसे करंट का झटका लगा। उसने इसकी जानकारी अपने दोस्त को देने का प्रयास किया, लेकिन कुछ ही देर बाद वह पंडाल के पास जमीन पर पड़ा मिला। करंट की आशंका को देखते हुए वहां मौजूद लोगों ने तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया। परिजन और दोस्त शौर्य को लेकर मेडिकल अस्पताल पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। महज 16 वर्ष की उम्र में हुई शौर्य की मौत की खबर परिवार तक पहुंचते ही कोहराम मच गया। जिस स्थान पर कुछ देर पहले तक गणेश उत्सव और महाआरती का माहौल था, वहीं हादसे के बाद सन्नाटा और चीख-पुकार का माहौल बन गया।

पहले से करंट आने की जानकारी थी तो सुरक्षा क्यों नहीं?

मामले में सबसे गंभीर सवाल यह सामने आया है कि क्या पंडाल के पास स्थित बिजली के खंभे में पहले से करंट आने की जानकारी थी। चौकी प्रभारी दुर्गेश मरावी के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में समिति से जुड़े लोगों ने खंभे में पहले से करंट आने और इसकी जानकारी टेंट संचालक को दिए जाने की बात कही है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि जानकारी किसे दी गई थी, कब दी गई और उसके बाद करंट की समस्या को दूर करने के लिए क्या कदम उठाए गए। गणेश पंडाल सार्वजनिक स्थान पर लगाया गया था, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु, बच्चे और महिलाएं पहुंच रहे थे। ऐसे में विद्युत व्यवस्था में सुरक्षा मानकों का पालन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने सवाल उठाया है कि यदि विद्युत लाइन या खंभे में करंट की जानकारी पहले से थी तो उसे तत्काल सुरक्षित क्यों नहीं किया गया। हालांकि इन सवालों का अंतिम जवाब पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। गुरुवार को शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बिजली व्यवस्था की जिम्मेदारी भी जांच के दायरे में

पुलिस यह पता लगा रही है कि गणेश पंडाल में विद्युत कनेक्शन और अन्य बिजली व्यवस्था किसके द्वारा की गई थी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि पंडाल में करंट से बचाव के लिए क्या सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। घटनास्थल की विद्युत व्यवस्था और संबंधित लोगों की भूमिका की जानकारी भी जुटाई जा रही है। चौकी प्रभारी दुर्गेश मरावी ने बताया कि मामले की जांच जारी है। पुलिस हादसे के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। जांच में यदि किसी व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वही शौर्य के परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की मांग की है। मृतक के बड़े पिता डॉ. शिशिर चानपुरिया ने भी घटना की जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग रखी है।

सार्वजनिक आयोजन, बड़ी जिम्मेदारी

सितंबर 2025 के बरगी हिल्स हादसे में दो बच्चों की मौत के बाद पंडालों में विद्युत सुरक्षा और अवैध बिजली कनेक्शनों को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई की गई थी। इसके बावजूद अब फिर एक किशोर की जान जाने से सवाल उठ रहा है कि धार्मिक आयोजनों में बिजली व्यवस्था की निगरानी और सुरक्षा मानकों का पालन कितना प्रभावी है। गणेश और दुर्गा उत्सव के पंडालों में बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। ऐसे में बिजली के तार, खंभे, लोहे के पाइप और सजावटी ढांचे में करंट उतरना गंभीर खतरा बन सकता है। शौर्य की मौत के बाद परिजन और स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई की जाए।

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