1900 करोड़ रुपए का लक्ष्य, आधा साल बीतने को 250 करोड़ का हो पाया काम
जीसीएफ उत्पादन में पिछड़ी, मुख्यालय ने जताई गहरी चिंता

जबलपुर यश भारत । शहर की सबसे पुरानी निर्माणी गन केरिज फैक्ट्री यानि जीसीएफ जिसके जिम्मे सेना को महत्वपूर्ण अस्त्रों की आपूर्ति करना है। इस सत्र यानि 2026-27 में अपने उत्पादन लक्ष्य से बहुत दूर है। बताया जाता है कि अब तक उत्पादन करीब 13 फीसदी ही हो पाया है। इसको लेकर एडवांस वेपन एन्ड इक्यूपमेंट इंडिया लिमिटेड कंपनी (AWEIL) के कानपुर स्थित मुख्यालय ने गहरी चिंता जताई है और कहा है कि 30 सितंबर को समाप्त हो रही दूसरी तिमाही तक उत्पादन पूरा करने की कोशिश की जाए।
क्योंकि इसकी जानकारी दिल्ली स्थित वरिष्ठ एजेंसियों को दी जाना है। मुख्यालय से आये इस संदेश के बाद सबके माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। उल्लेखनीय है कि जीसीएफमें सेना के लिए महत्वपूर्ण धनुष तोप और एल एफ जी के साथ टी सिरीज टेंक के
महत्वपूर्ण हिस्सों का निर्माण किया जा रहा है। पिछले सत्र में भी जीसीएफको अच्छा खासा उत्पादन लक्ष्य मिला था लेकिन वो पूरा नहीं हो पाया। फलस्वरूप बीते सत्र का भी उत्पादन मिला कर इस सत्र में लगभग 1968.75 करोड़ रुपए का उत्पादन लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार अब तक 264 करोड़ रुपए का ही उत्पादन हो पाया है। जबकि सत्र के 6 माह गुजर चुके हैं। मुख्यालय से 21 सितंबर को आये संदेश में कहा गया है कि संशोधित प्रतिबद्धता के अनुसार 30 सितंबर तक 421 करोड़ रुपए का उत्पादन हो जाना चाहिए ।लेकिन अब तक मात्र 264.54 करोड़ रुपए का उत्पादन हुआ है। जो अत्यंत चिंतनीय है। जानकारों के अनुसार निगम में आने के बाद निर्माणी संक्रमण काल से गुजर रही है। दिनों दिन मानव कार्य बल कम होता जा रहा है। मानित प्रतिनियुक्ति पर कर्मचारियों की संख्या सेवा निवृत्ति के चलते कम
.jpeg)
हो रही है। दूसरी ओर अब तक निगम की एच आर पालसी तैयार नहीं हो सकी है। ऐसे में उत्पादन पूरा करने के लिए तदर्थ रूप से एक मुश्त वेतन पर एक वर्ष के लिए दक्ष कर्मचारियों को लगाया जा रहा है। जिनकी अधिकतम नियुक्ति 4 वर्ष के लिए तय की गई है। इन्हें स्थायी कर्मचारियों के समान भविष्य में कोई वेतन, पदोन्नति आदि अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि का भुगतान प्रावधान नहीं है। जिसके चलते संशोधित प्रतिबद्धता के अनुसार उत्पादन नहीं हो रहा है।
इनका कहना है
निर्माणी के सभी अधिकारी, कर्मचारी पूरे मनोयोग से उत्पादन लक्ष्य के लिए जुटे हैं। उत्पादन की विभिन्न प्रक्रियाओं को पूरा करना पड़ता है। हमें उम्मीद है कि सत्र समाप्ति तक हम लक्ष्य से अधिक उत्पादन करेंगे।
राहुल चौधरी, जन संपर्क
अधिकारी
जीसीएफजबलपुर







