ब्रेकिंग : 14 लाख की ACM रैंक की महिला नक्सली का हथियार सहित हॉक फोर्स डीएसपी के समक्ष आत्मसमर्पण, कटनी में डीएसपी रहे अखिलेश गौर की प्रमुख भूमिका, सीएम मोहन यादव ने की पुलिस की सराहना

कटनी/ बालाघाट ( यशभारत )। हॉक फोर्स के ग्राम चोरिया में बन रहे नए कैंप में 1 नवंबर को एक महिला नक्सली ने मुख्यधारा में शामिल होने के लिए हॉक फोर्स के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। महिला नक्सली का नाम सनीला उर्फ सुनीता है जो 2024 से नक्सलियों के MMC जोन के प्रभारी और सीसी मेंबर रामदेर की हथियारबंद गार्ड थी। सीसी मेंबर पर अलग अलग राज्यों द्वारा मिलकर लगभग 3 करोड़ रुपए का इनाम घोषित है। नक्सली महिला का हॉक फोर्स के समक्ष समर्पण हॉक फोर्स की विश्वसनीयता और संवेदनशीलता को स्थापित करता है। महिला नक्सली ने इंसास राइफल की 3 मैगजीन में 30 राउंड और 1 BGL के साथ अन्य सामग्रियों सहित आत्मसमर्पण किया है। महिला नक्सली के पिता भी छत्तीसगढ़ में नक्सली से जिन्होंने सितंबर में सरेंडर कर दिया है। विस्तृत पूछताछ में बताया कि उसने सरकार की समर्पण नीति से प्रभावित होकर और समाज की मुख्य धारा में काम करने के लिए सोच समझकर हथियार के साथ आत्मसमर्पण किया है। हॉक फोर्स DSP सहायक सेनानी अखिलेश गौर ने समर्पण के पश्चात महिला नक्सली से पूछताछ की जिसमें महिला नक्सली ने बताया कि उसने जंगल में एक गुप्त स्थान पर अपनी राइफल और अन्य सामान छिपा कर रख दिया है, इसके बाद हथियार बरामद करने के लिए सेनानी हॉक फोर्स शियाज़ के नेतृत्व में सहायक सेनानी अखिलेश गौर और रूपेंद्र धुर्वे की टीम ने जंगल में गोपनीय सर्च ऑपरेशन डालकर हथियार बरामद कर इस ऐतिहासिक आत्मसमर्पण को सफल बनाया। संभावना है कि इस सरेंडर के पश्चात बालाघाट में सक्रिय अन्य नक्सली भी जल्द ही सरेंडर कर सकते है। इस उपलब्धि पर पुलिस महानिरीक्षक बालाघाट संजय सिंह एवं पुलिस अधीक्षक बालाघाट आदित्य मिश्रा ने हॉक फोर्स को बधाई देकर इनाम देने की घोषणा की है। उल्लेखीय है डीएसपी अखिलेश गौर की पदस्थापना जबलपुर में गोहलपुर सीएसपी के रूप में रह चुकी है इस दौरान भी उन्होंने ऐतिहासिक कार्यों को अंजाम देते हुए कुख्यात अपराधियों पर लगाम लगाने में सराहनीय योगदान दिया था।
सीएम ने की सराहना
- नक्सली महिला के आत्मसमर्पण पर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में राज्य नक्सल नियंत्रण के लक्ष्य की ओर अग्रसर है। मध्यप्रदेश पुलिस को नक्सली गतिविधियों पर नियंत्रण में लगातार सफलता मिल रही है। 1 नवंबर को बालाघाट जिले के लांजी थाने अंतर्गत चोरिया कैंप में ₹14 लाख की इनामी महिला नक्सली सुनीता ने हथियारों सहित आत्मसमर्पण किया। यह प्रदेश की प्रभावी आत्मसमर्पण नीति के तहत पहला समर्पण है। पूर्व में भी नक्सलियों के समर्पण और मुठभेड़ों में पुलिस को सफलता मिलती रही है।









