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मझौली गेहूं घोटाला कैपेसिटी से ज्यादा होने दिए गए स्लॉट बुक

अन्नपूर्णा में थी 35 हजार क्विंटल की जगह

मझौली गेहूं घोटाला कैपेसिटी से ज्यादा होने दिए गए स्लॉट बुक

जबलपुर, यश भारत। गेहूं उपार्जन में मझौली में सामने आए लगभग सवा करोड़ रुपये के गेहूं घोटाले के बीच नई-नई जानकारियां सामने आ रही हैं। इस बार प्रशासन द्वारा एक बड़ी गफलत की गई है, जिसके चलते किसान परेशान हुए हैं। वहीं दूसरी तरफ गोलमाल करने वालों को भी सहूलियत मिली है। इस बार ऐसी बहुत-सी गोदामें थीं, जहां उनकी क्षमता से बहुत अधिक स्लॉट बुक कर दिए गए और उसके बाद किसानों को अपना माल दूसरी जगह ले जाना पड़ा, जिससे परेशानियां भी हुईं और एक्स्ट्रा फीडिंग करने में लोगों को सहायता भी मिली।

अन्नपूर्णा में थी 35 हजार क्विंटल की जगह

मझौली के अन्नपूर्णा वेयरहाउस में, जहां एक्स्ट्रा फीडिंग का मामला सामने आया है, वहां मात्र 35 हजार क्विंटल की जगह थी, लेकिन प्रशासन द्वारा वहां लगभग 45 हजार क्विंटल गेहूं की खरीदी कर ली गई, जिसमें से 5 हजार क्विंटल की एक्स्ट्रा फीडिंग थी। ऐसे में सवाल उठता है कि जिस केंद्र की क्षमता ही 35 हजार क्विंटल की थी, तो फिर वहां 45 हजार क्विंटल के स्लॉट क्यों बुक होने दिए गए? जबकि इसके पहले यह व्यवस्था थी कि जिस भंडारण केंद्र में जितनी क्षमता होगी, उतने ही स्लॉट बुक किए जाएंगे।

जबकि सभी जगहों पर गोदाम स्थित केंद्र बनाए गए थे। ऐसे में गेहूं के परिवहन की व्यवस्था नहीं है। यदि परिवहन की नौबत आती है तो समिति स्तर पर ही परिवहन होता है, जिसका पूरा भार प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसानों पर ही पड़ता है। ऐसे में चोरी और एक्स्ट्रा फीडिंग जैसे मामले भी सामने आते हैं। इसके बाद भी प्रशासन द्वारा क्षमता से ज्यादा स्लॉट बुक होने दिए गए। स्थिति यह थी कि कुछ केंद्र ऐसे हैं, जहां 2 हजार से लेकर 5 हजार क्विंटल की ही खरीदी हुई है और कुछ केंद्र ऐसे हैं, जहां गोदाम भरने के बाद 10-10 हजार क्विंटल गेहूं गोदाम के बाहर पड़ा हुआ था।

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