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जिला अस्पताल विक्टोरिया में एसी बंद, मरीज परेशान: घोषणा-दावा और झूठ = विक्टोरिया अस्पताल

सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बताने का नाटक, जिला अस्पताल विक्टोरिया के आईसीयू में भर्ती मरीजांे से पूछो तकलीफ

जबलपुर, यशभारत। सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं को बेहतर बताने की घोषणा हुुई, फिर दावे किए गए परंतु इस सब का हल एक ही निकला है वह मरीजों की तकलीफ। जिला अस्पताल विक्टोरिया के आईसीयू में एक सप्ताह से एसी बंद है, मरीज परेशान हो रहे हैं। कुछ ऐसे मरीज है कि उन्होंने घरों से हाथ पंखे मंगा लिए हैं और उसी के भरोसे अपना इलाज करा रहे हैं।
बताया जाता है कि कुछ दिन पहले किसी तकनीक खराबी के चलते सर्जिकल आईसीयू के एक साथ 8 एसी ने काम करना बंद कर दिया। एसी ठप होने के बाद प्रबंधन किसी तरह से दो एसी लगवाए लेकिन मरीजों को राहत नहीं मिली। प्रबंधन का कहना है कि उक्त एसी कम्पनी को पत्र लिखा जा चुका है कब तक सुधार होगा यह बताना मुश्किल है।

20 बेड आईसीयू में 16 मरीज भर्ती

मरीजों के साथ यहां पर 24 घंटे अपनी सेवाएं देने वाला नर्सिंग स्टाफ भी इस समस्या से खासा परेशान है। नाम न छापने की शर्त पर स्टाफ ने बताया कि आए दिन यहां पर इस तरह की समस्या रहती है अधिकारी अपना काम तो समय पर करवा लेते हैं लेकिन मरीज और स्टाफ के लिए नियम बताकर समस्या को निपटाने के लिए तत्परता नही दिखाते हैं।
सर्जिकल आईसीयू में 20 बेड है इनमें 16 बेड पर गंभीर मरीज अपना उपचार करा रहे हैं।

अधिकारी का तर्क

इस संबंध में अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. मनीष मिश्रा कहना है कि सर्जिकल आईसीयू में सेंट्रल एसी बंद होने की बात स्वीकारते हुए कहा कि सुधार कार्य के लिए कम्पनी को लिखा जा चुका है। ये सेंट्रल एसी एनएचएम की ओर से लगवाए गए हैं सिस्टम उनका ही तैयार किया गया है। इसमें स्थानीय स्तर पर काम नहीं कराया जा सकता। आचार संहिता के चलते हम नए एयर कंडीशन की खरीदी नहीं कर सकते हैं लिहाजा गर्मी में मरीजों की परेशानी को देखते हुए परिजनों को पंखा लाने की अनुमति दे दी है। दो एसी लगाए गए थे लेकिन इनसे काम नहीं चल रहा है।

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Yash Bharat

Editor With मीडिया के क्षेत्र में करीब 5 साल का अनुभव प्राप्त है। Yash Bharat न्यूज पेपर से करियर की शुरुआत की, जहां 1 साल कंटेंट राइटिंग और पेज डिजाइनिंग पर काम किया। यहां बिजनेस, ऑटो, नेशनल और इंटरटेनमेंट की खबरों पर काम कर रहे हैं।

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