कटनी कम्प्यूटर्स का संचालक गिरफ्तार, 11.94 करोड़ के गेमिंग मनी ट्रेल में SIT की बड़ी कार्रवाई, 50 लाख के संदिग्ध लेनदेन का नहीं दे सका हिसाब

कटनी, यशभारत। ऑनलाइन गेमिंग और क्रिकेट सट्टे से जुड़े करीब 11.94 करोड़ रुपये के बड़े मनी ट्रेल की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने मंगलवार को शिकंजा कसते हुए कटनी कम्प्यूटर्स के संचालक विजय भैरवानी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले बैंक खातों के जरिए करीब 50 लाख रुपये का संदिग्ध लेनदेन किया गया। जब पुलिस ने इस रकम के स्रोत और उपयोग का ब्योरा मांगा, तो आरोपी कोई संतोषजनक जवाब या हिसाब नहीं दे सका।
पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन में गठित एसआईटी इस पूरे वित्तीय नेटवर्क की कड़ियों को खंगाल रही है। जांच के दायरे में विजय भैरवानी, उनके कर्मचारियों के बैंक खाते, संबंधित व्यावसायिक फर्में, जीएसटी और उद्योग विभाग से जुड़े रिकॉर्ड शामिल हैं।
सैलरी अकाउंट्स से हुआ खेल, 50 लाख की संदिग्ध आवाजाही
जांच पड़ताल में यह तथ्य सामने आया कि जिन बैंक खातों का मुख्य उपयोग कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए किया जा रहा था, उन्हीं खातों में अलग-अलग माध्यमों से करीब 50 लाख रुपये का अतिरिक्त ट्रांजैक्शन दर्ज हुआ। वेतन का रिकॉर्ड तो बैंक में मिला, लेकिन इस अतिरिक्त 50 लाख रुपये के आने और आगे भेजे जाने के संबंध में विजय भैरवानी कोई वैध हिसाब पेश नहीं कर सका। उक्त रकम के सीधे तौर पर क्रिकेट सट्टे से जुड़े होने की पुख्ता आशंका के आधार पर पुलिस ने उसे आरोपी बनाते हुए हिरासत में ले लिया।
11.94 करोड़ के मनी ट्रेल की गहराई से पड़ताल
एसआईटी की यह कार्रवाई ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के उस नेटवर्क पर केंद्रित है, जिसमें अब तक 11.94 करोड़ रुपये के व्यापक वित्तीय लेनदेन (मनी ट्रेल) की पुष्टि हो चुकी है। इसी कड़ी में पूर्व में विजय भैरवानी के भाई दीपक भैरवानी को भी नोटिस जारी कर पूछताछ की जा चुकी है और बैंक खातों के संचालन संबंधी इनपुट्स जुटाए गए हैं।
बैंक रिकॉर्ड, जीएसटी और उद्योग विभाग के दस्तावेजों की जांच जारी
विजय भैरवानी की गिरफ्तारी के बाद अब एसआईटी इस बात की पड़ताल में जुटी है कि इन खातों में पैसा किन स्रोतों से आया और आगे किन-किन खातों में भेजा गया। पुलिस फर्मों के लेन-देन, जीएसटी रिटर्न और उद्योग विभाग के दस्तावेजों का तकनीकी विश्लेषण कर रही है। माना जा रहा है कि इस गिरफ्तारी के बाद सट्टा सिंडिकेट से जुड़े कई अन्य चेहरों और बड़े नामों का खुलासा हो सकता है।







