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सफेद शेरों की दहाड़ अब मैहर से ही गूंजेगी: सीएम मोहन यादव ने रीवा शिफ्टिंग की अटकलों पर लगाया फुल स्टॉप

रीवा। 40 साल बाद विंध्य में सफेद बाघ की वापसी हुई थी। मुकुंदपुर में व्हाइट टाइगर सफारी बनाई गई। सफेद बाघ विंध्या आई। विंध्य को फिर पहचान मिली। मुकुंदपुर पहले सतना जिला में था। सतना से मैहर अलग हुआ तो मुकुंदपुर के साथ ही व्हाइट टाइगर सफारी भी मैहर में चला गया। मुकुंदपुर की दूरी मैहर से काफी अधिक है।

 

 करीब 70 किमी दूरी तय करना पड़ता है तब यहां के लोग मैहर पहुंचते हैं। इस दूरी के कारण सिर्फ परेशानी गांव के ही लोगों को नहीं हो रही थी। मुकुंदपुर के स्टाफ को भी हो रही थी। छोटी छोटी फाइल पर साइन कराने भी उन्हें लंबी दूरी तय करनी पड़ रही थी। फिर मुकुंदपुर के लोगों ने आवाज बुलंद की और इसे रीवा में जोडऩे की मांग कर बैठे। नए परिसीमन में मुकुंदपुर को रीवा जोडऩे की मांग की गई। भोपाल से पत्र एसडीएम मैहर को पहुंचा था। एसडीएम को जांच और लोगों के पक्ष जानने की के लिए कहा गया था। अटकलें चल हीं रहीं थी कि सीएम ने सब की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। उन्होंने मैहर कृषि उपज मंडी में आयोजित बलराम कृषि मंडी महोत्सव में स्पष्ट कर दिया कि कोई कुछ भी कर ले व्हाइट टाइगर सफारी मैहर से कहीं नहीं जाने वाला। हाल ही में मुकुंदपुर सहित 6 गांव को रीवा में शामिल करने की मांग उठी थी। इस मामले में शासन के निर्देश पर अपर कलेक्टर जिला मैहर ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अमरपाटन को पत्र जारी किया था। इसमें कहा गयाथा कि तहसील अमरपाटन के ग्राम आनंदगढ़, आमिन, धोबहट, मुकुंदपुर, परसिया और पपरा को मैहर जिला से अलग कर रीवा जिला में सम्मलित करने को लेकर अभिमत चाहा गया है। वहीं एक और पत्र का हवाला दिया गया था।  इसमें ग्राम पंचायत मुकुंदपुर की ग्राम सभा मुकुंदपुर द्वारा भविष्य में परिसीमन के दौरान रीवा जिले मे सम्मलित न करते हुए मैहर जिला में रखे जाने के प्राप्त आवेदन पर भी अभिमत चाहा गया है। 

 

एडीएम ने इन दोनों तरह के आवेदनों पर विस्तृत अभिमत और प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश अमरपाटन एसडीएम को दिए थे। पूर्व विधायक मैहर नारायण त्रिपाठी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को धन्यवाद दिया है।  नारायण त्रिपाठी ने कहा है कि मैहर मां शारदा का धाम है। जहां से लाखों लाख लोगों की आस्था जुड़ी है। यह धाम बाबा अलाउद्दीन जैसे महान संगीतकार की कर्मभूमि है। जिनके शिष्यों ने पूूरे विश्व में अपने हुनर का लोहा मनवाया। साथ ही मुकुंदपुर मैहर की धरोहर है। 

 

जहां के सफेद शेर दुनिया में जाने जाते हैं। उस ऐतिहासिक क्षेत्र मुकुंदपुर को जन भावनाओं के अनुरूप आपने सारे कुचक्रों को दरकिनार कर आपने मैहर जिले के लोगों को उनका वाजिब हक प्रदान किया है। इसके लिए मैहर के लोग आपको बधाई देते हैं। आपकी सोच का आभार प्रकट करते हैं।

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