सागर शराब त्रासदी : बंडा थाने व दो चौकियों से हटाए गए 39 पुलिसकर्मी; ASI राजेंद्र पांडे को गूगरा चौकी की कमान

सागर, यशभारत l जिले के बहुचर्चित बंडा जहरीली शराबकांड के करीब 15 दिन बाद पुलिस विभाग में अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की गई है। मामले में पुलिस की लापरवाही और बदहाल कानून-व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों के बीच पुलिस अधीक्षक (एसपी) अनुराग सुजानिया ने कड़ा रुख अपनाया है। एसपी ने बंडा थाने सहित गूगरा और बरा चौकी में पदस्थ पूरे अमले पर गाज गिराते हुए एक साथ 39 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से रक्षित केंद्र (लाइन अटैच) भेज दिया है।
एसपी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, गाज की जद में आए 39 पुलिसकर्मियों में 2 उप निरीक्षक (SI), 23 प्रधान आरक्षक व कार्यवाहक प्रधान आरक्षक तथा 14 आरक्षक शामिल हैं। एक साथ इतने बड़े पैमाने पर मैदानी अमले को हटाए जाने की कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री और संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाने में नाकाम रहने के कारण यह कठोर अनुशासनात्मक कदम उठाया गया है।
बंडा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग को तत्काल पटरी पर लाने के लिए एसपी ने रक्षित केंद्र और जिले के अन्य थानों से नए बल की तैनाती कर दी है। इस फेरबदल के तहत गूगरा चौकी की कमान सहायक उप निरीक्षक (ASI) राजेंद्र पांडे को सौंपी गई है। एसपी ने नए तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए हैं कि क्षेत्र में किसी भी तरह की अवैध गतिविधियों पर पूर्णतः अंकुश लगाया जाए।
यह था पूरा मामला
गौरतलब है कि बंडा थाना क्षेत्र में जहरीली शराब के सेवन से हुई दुखद घटना के बाद से ही स्थानीय पुलिस की भूमिका और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे थे। घटना के बाद से वरिष्ठ अधिकारी लगातार जमीनी स्थिति और पुलिस अमले की भूमिका की समीक्षा कर रहे थे। आखिरकार 15 दिनों की जांच और स्थिति के आकलन के बाद एसपी ने मैदानी स्तर पर यह बड़ा प्रशासनिक फेरबदल कर दिया।







