एक अंगदाता से चार को नया जीवन, चेन्नई इंदौर तक बना ग्रीन कॉरिडोर एम्स भोपाल में 53 वर्षीय ब्रेन डेड मरीज के अंगदान से हृदय, लीवर और दोनों किडनी प्रत्यारोपण के लिए भेजीं

एक अंगदाता से चार को नया जीवन, चेन्नई इंदौर तक बना ग्रीन कॉरिडोर
एम्स भोपाल में 53 वर्षीय ब्रेन डेड मरीज के अंगदान से हृदय, लीवर और दोनों किडनी प्रत्यारोपण के लिए भेजीं
भोपाल, यश भारत। एम्स भोपाल में अंगदान की मिसाल सामने आई है। ब्रेन हैमरेज से पीड़ित 53 वर्षीय मरीज को उपचार के दौरान चिकित्सकों ने ब्रेन डेड घोषित किया। इसके बाद परिवार ने कठिन समय में साहसिक निर्णय लेते हुए अंगदान की सहमति दी। इससे चार जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिलने का रास्ता खुला। अंगदान के तहत मरीज का हृदय चेन्नई के एमजीएम हेल्थकेयर अस्पताल भेजा गया जबकि लीवर इंदौर के सीएचएल अस्पताल पहुंचाया गया। दोनों किडनी भोपाल के जरूरतमंद मरीजों को प्रत्यारोपण के लिए उपलब्ध कराई गईं। अंगों को निर्धारित अस्पतालों तक समय पर पहुंचाने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस और प्रशासन के सहयोग से भोपाल से इंदौर और चेन्नई तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। ग्रीन कॉरिडोर के जरिए अंगों को सुरक्षित और कम से कम समय में संबंधित अस्पतालों तक पहुंचाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर अंगदाता को गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान परिवार के निर्णय को अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया गया। एम्स भोपाल ने भी अंगदाता के परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी उदाहरण बताया







