इम्युनोडायग्नोस्टिक्स और वैक्सीन डेवलपमेंट से भविष्य की थेरेपी संभव बीएमएचआरसी में दो दिवसीय सीएमई एवं हैंड्स ऑन कार्यशाला शुरू

इम्युनोडायग्नोस्टिक्स और वैक्सीन डेवलपमेंट से भविष्य की थेरेपी संभव
बीएमएचआरसी में दो दिवसीय सीएमई एवं हैंड्स ऑन कार्यशाला शुरू
भोपाल, यश भारत। भोपाल स्मारक अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र में इंडियन इम्म्युनोलॉजी सोसाइटी के तत्वावधान में लेसन्स इन इम्म्युनोलॉजी फॉर डेवलपिंग इम्म्युनोडायग्नोस्टिक्स एंड वैक्सीन विषय पर दो दिवसीय सीएमई एवं हैंड्स ऑन कार्यशाला शुरू हुई। कार्यशाला में करीब 75 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। मुख्य अतिथि एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक एवं सीईओ लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. नरेंद्र कोतवाल ने कहा कि इम्म्युनोलॉजी के दो प्रमुख आधार डायग्नोसिस और ट्रीटमेंट पर केंद्रित यह कार्यशाला शोधार्थियों के लिए उपयोगी है। उन्होंने अनुसंधान में ईमानदारी, सत्यनिष्ठा विश्वसनीयता और निरंतर मेहनत को सफलता का मंत्र बताया। बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने कहा कि संस्थान इनोवेशन इम्युनोडायग्नोस्टिक्स और रिसर्च के क्षेत्र में लगातार नए आयाम जोड़ रहा है। उन्होंने बेसिक इम्युनोलॉजी से ट्रांसलेशनल रिसर्च तक की समझ विकसित करने में कार्यशाला को महत्वपूर्ण बताया। प्रो. माधवनंद कर ने सटीक एवं समय पर निदान को बेहतर उपचार की कुंजी बताया। डॉ. राजनारायण तिवारी और प्रो. संतोष कुमार कर ने बदलते रोगों के बीच इम्युनिटी और इम्युनोलॉजी के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यशाला में विशेषज्ञों के व्याख्यान के साथ समूह चर्चा भी हुई।






