हाई कोर्ट ने वेयर हाउस से 33 लाख की रिकवरी पर लगाई रोक -अंतरिम आदेश
नमी के कारण धान के वजन में लगभग 1000 कुंटल धान हो गई थी कम

जबलपुर, यशभारत। हाई कोर्ट ने एक अंतरिम आदेश के जरिए सिहोरा स्थित वेयर हाउस के विरुद्ध 33 लाख रुपये की रिकवरी पर रोक लगा दी। इसी के साथ खाद्य व सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव, खाद्य व नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रमुख सचिव, मध्य प्रदेश वेयर हाउसिंग व लाजिस्टिक कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक, एफसीआइ के महाप्रबंधक सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब-तलब कर लिया। इसके लिए दिसम्बर तक का समय दिया गया है।
याचिकाकर्ता जबलपुर निवासी मनोज ममता असाटी की ओर से अधिवक्ता सत्येंद्र ज्योतिषी ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता के वेयर हाउस में जिस समय धान का भंडारण किया गया था, तब धान में नमी थी, इसलिए वजन अधिक था। लेकिन जैसे ही नमी कम हुई धान का वजन एक हजार क्विंटल से अधिक कम हो गया। जबलपुर-सिहोरा अंतर्गत धनगवां स्थित वेयर हाउस में 2019 व 2020 में धान का भंडारण किया गया था।
इस समय वेयर हाउस में धान रखी गई थी, तब नमी 15 व 16 प्रतिशत पाई गई थी। दो साल के बाद जब धान निकाली गई तब नमी सूखने के बाद 9.5 व 10.2 प्रतिशत रह गई। प्रबंधक वेयर हाउस व लाजिस्टिक कारपोरेशन सिहोरा व डिस्ट्रिक्ट मार्केटिंग आफिसर कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन, जबलपुर के द्वारा वेयर हाउस से कुल 33 लाख 38 हजार 926 रुपये की वसूली का नोटिस जारी कर दिया गया। मध्य प्रदेश एग्रीकल्चर वेयरहाउस एक्ट 1947 की धारा 20 के तहत वेयर हाउस के मालिक को किसी भी प्रकार के वजन की कमी का दोषी नहीं ठहराया जा सकता। हाई कोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद अंतरिम राहत प्रदान कर दी।







