अमृत भारत के दावों के बीच कटनी स्टेशन बदहाल
एक्स-रे बैगेज स्कैनर व ट्रेन इंडिकेशन डिस्प्ले बंद, गंदगी से भी यात्रियों का बुरा हाल

अमृत भारत के दावों के बीच कटनी स्टेशन बदहाल
यात्री सुविधाएं भगवान भरोसे
प्लेटफार्म पर महीनों से उखड़ा फर्श, मलबा और फिसलन
एक्स-रे बैगेज स्कैनर व ट्रेन इंडिकेशन डिस्प्ले बंद, गंदगी से भी यात्रियों का बुरा हाल

कटनी,यशभारत। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशनों को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन कटनी जंक्शन की तस्वीर इन दावों से अलग कहानी बयां कर रही है। स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-1 से लेकर अन्य प्लेटफार्मों तक यात्री बुनियादी सुविधाओं और अव्यवस्थाओं के बीच सफर करने को मजबूर हैं।
प्लेटफार्म नंबर-1 पर फुट ओवरब्रिज के नीचे महीनों से फर्श उखड़ा पड़ा है। निर्माण कार्य का मलबा भी मौके पर पड़ा है और यात्रियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त बैरिकेडिंग तक नजर नहीं आती। बारिश में यह हिस्सा और खतरनाक हो जाता है। फिसलन के बीच बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के गिरने का खतरा बना रहता है। ट्रेन के आते ही यात्रियों की आवाजाही बढ़ने पर हादसे की आशंका और बढ़ जाती है।
प्लेटफार्म नंबर-3 और 4 पर भी कई जगह फर्श की हालत खराब है। कहीं फर्श उखड़ा है तो कहीं बारिश के कारण फिसलन है। सवाल यह है कि यात्री सुविधाओं के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यात्रियों के चलने के लिए सुरक्षित फर्श तक क्यों नहीं है?
सुरक्षा व्यवस्था भी अधूरी
स्टेशन के मुख्य द्वार पर यात्रियों के सामान की जांच के लिए लगाया गया एक्स-रे बैगेज स्कैनर बंद पड़ा है। सुरक्षा से जुड़ी इतनी महत्वपूर्ण व्यवस्था का बंद रहना रेलवे की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
इसके साथ ही एल ई डी ट्रेन इंडिकेशन डिस्प्ले बोर्ड भी बंद है। इस पर ट्रेन नंबर, ट्रेन का नाम, आगमन-प्रस्थान का समय और प्लेटफार्म नंबर जैसी महत्वपूर्ण जानकारी यात्रियों को मिलती है। बोर्ड बंद होने से यात्रियों को ट्रेनों की जानकारी के लिए दूसरे साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
प्लेटफार्मों पर गंदगी और सड़ांध
प्लेटफार्म नंबर-1 से 5 तक कई स्थानों पर कूड़ा-करकट और गंदगी दिखाई देती है। पान की पीक, बदबू, सड़ांध के साथ मच्छर और मक्खियों की मौजूदगी सफाई व्यवस्था की स्थिति बताने के लिए काफी है। यात्रियों का सवाल है कि इतने महत्वपूर्ण जंक्शन पर नियमित सफाई और निगरानी व्यवस्था आखिर किस स्तर पर हो रही है।
कटनी जंक्शन से बड़ी संख्या में यात्री रोजाना सफर करते हैं। इसके बावजूद सुरक्षा स्कैनर बंद, ट्रेन सूचना डिस्प्ले बंद, फर्श उखड़ा और प्लेटफार्म गंदगी से बेहाल हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल रेलवे से यही है कि कटनी स्टेशन के विकास और यात्री सुविधाओं के लिए आने वाला करोड़ों रुपये का फंड आखिर कहां खर्च हो रहा है?
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन का स्वरूप बदलने की बात कही जा रही है, लेकिन मौजूदा व्यवस्थाओं की हालत यह सवाल खड़ा कर रही है कि नई तस्वीर दिखाने से पहले पुरानी बुनियादी समस्याओं को ठीक करना रेलवे की प्राथमिकता क्यों नहीं बन पा रहा? किसी यात्री के गिरने या सुरक्षा संबंधी कोई घटना होने के बाद व्यवस्था जागेगी या उससे पहले इन कमियों को दूर किया जाएगा—यह सवाल अब रेलवे अधिकारियों के सामने है।






