10.99 करोड़ की सरकारी खरीद में फर्जी कंपनियों का खेल, ईओडब्ल्यू ने दर्ज किया केस

10.99 करोड़ की सरकारी खरीद में फर्जी कंपनियों का खेल, ईओडब्ल्यू ने दर्ज किया केस
भोपाल, यश भारत । सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के लिए कंप्यूटर, प्रिंटर और यूपीएस की करीब 10.99 करोड़ रुपये की खरीद अब जांच के घेरे में आ गई है। पुलिस के आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने टेंडर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी और मानकों के विपरीत सामग्री की आपूर्ति के मामले में पांच नामजद आरोपियों सहित अन्य के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।
ईओडब्ल्यू की जांच में टेंडर में भाग लेने वाली चार फर्मों के बीच आपसी संबंध सामने आने का दावा किया गया है। जांच एजेंसी के मुताबिक अलग-अलग कंपनियों के नाम से बोली लगाकर प्रतिस्पर्धा का माहौल तैयार किया गया, जबकि इन फर्मों के बीच मोबाइल नंबर, ई-मेल और पते जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां समान मिलीं।
जांच में शांति ट्रेडर्स के जीएसटी रिकॉर्ड में दर्ज मोबाइल नंबर साईबाबा इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के रिकॉर्ड से मेल खाता पाया गया। इसी तरह एचटीएम इंडिया की ई-मेल आईडी भी साईबाबा इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से जुड़ी मिली। एचटीएम इंडिया द्वारा जीएसटी में दर्ज दूसरा पता प्लॉट नंबर-04, जोन-1, एमपी नगर भी साईबाबा इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के पते से समान पाया गया।
एक ही व्यक्ति से जुड़ते मिले संपर्क
ईओडब्ल्यू ने मोबाइल नंबर से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की। एजेंसी के अनुसार संबंधित नंबर रणधीर कुमार पटेल के नाम पर दर्ज था और उनके आधार दस्तावेज से जुड़ा मिला। जांच में यह भी सामने आया कि चारों फर्में सरकारी ई-मार्केटप्लेस के अन्य टेंडरों में भी कई बार एक साथ बोली लगा चुकी हैं। कई मामलों में इनके द्वारा लगाई गई कीमतों में मामूली अंतर रहा और अलग-अलग मौकों पर इन्हीं फर्मों को काम मिलता रहा।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
शिवम यादव और विनय रायकवार की शिकायतों के आधार पर ईओडब्ल्यू ने मामले की जांच की। जांच के बाद 1 सितंबर 2026 को रणधीर कुमार पटेल (साईबाबा इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम), हेमलता पटेल (शांति ट्रेडर्स), अशोक कुमार सिंह (एचटीएम इंडिया), देवेंद्र सिंह (सूरज इंटरप्राइजेज) सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
आरोप है कि टेंडर हासिल करने के बाद पुराने तथा निर्धारित तकनीकी मानकों से अलग सामग्री की आपूर्ति की गई। ईओडब्ल्यू ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2), 318(4), 336(3) और 340(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच आगे बढ़ा दी है।







