जबलपुर में सेमीकंडक्टर उद्योग लाने की पहल हो तो ताइवान के दिग्गजों से सीधी बात कराने को तैयार है तन्खा
सेमीकंडक्टर हब के लिए इंदौर ही क्यों?

जबलपुर,यशभारत। मध्य प्रदेश में सेमीकंडक्टर और चिप मैन्युफैक्चरिंग उद्योग को लेकर राज्य सरकार सरकार के के रवैये पर सवाल खड़े होने लगे हैं। सरकार का पूरा ध्यान एक बार फिर इंदौर-पीथमपुर बेल्ट पर केंद्रित दिख रहा है, जिससे महाकौशल और जबलपुर की अनदेखी की बू आने लगी है। इस क्षेत्रीय असंतुलन के बीच राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा तन्खा जबलपुर के हक और विकास के लिए मजबूती से मैदान में उतरे हैं।
विवेक तन्खा ने स्पष्ट घोषणा की है कि यदि राज्य सरकार जबलपुर के हितों को साथते हुए यहाँ सेमीकंडक्टर उद्योग स्थापित करने की दिशा में गंभीर कदम उठाती है, तो वे विश्व के सेमीकंडक्टर लीडर ताइवान के शीर्ष अधिकारियों और निवेशकों के साथ वन-टू-वन सीधी बात कराने में पूरा सहयोग करेंगे।
जबलपुर के विकास के लिए सांसद तन्खा की मजबूत पहल
वैश्विक सहयोग की गारंटी .. ताइवान सेमीकंडन्टर तकनीक में दुनिया का नेतृत्व करता है। तन्खा ने आश्वासन दिया है कि जबलपुर का हित सुरक्षित होने पर वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संपर्क स्थापित कराने की जिम्मेदारी उठाने को तैयार है।
जबलपुर में अपार संभावनाएं-
महाकौशल का यह केंद्र रणनीतिक दृष्टि से बेहद उपयुक्त है। यहाँ उत्कृष्ट तकनीकी संख्यान, कुशल मानव संस्थान और बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध है।
तकनीकी व रोजगार क्रांति-
जबलपुर में इस हाई टेक उघोग के आने से स्थानीय युवाओं को नए अवसर मिलेगे और पूरा क्षेत्र औद्योगिक उंचाइयों को छूएगा।
सरकार को निभानी होगी मुख्य भूमिका
तन्खा ने स्पष्ट किया कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दरवाजे खोल सकते हैं, लेकिन जमीन, इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशासनिक मंजूरी जैसे बुनियादी काम सरकार को ही पूरे करने होंगे। गुजरात, उत्तर प्रदेश हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे शहर सेमीकंडक्टर को दौड़ में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे में यदि मध्य प्रदेश सरकार केवल इंदौर तक सीमित रही, तो महाकौशल एक बड़े अवसर से वंचित रह जाएगा। अब देखना यह है कि सरकार जबलपुर के दावों को गंभीरता से लेती है या महाकौशल के साथ उपेक्षा का सिलसिला जारी रहता है।







