
नई दिल्ली। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के उपवास समाप्त करने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें खुशी है कि वांगचुक ने 22 जुलाई को सांसदों द्वारा किए गए अनुरोध को स्वीकार कर अपना उपवास समाप्त किया। उन्होंने कहा कि वांगचुक ने सरकार से आश्वासन मिलने तक धैर्य बनाए रखा और अंततः सरकार को आगे आकर आश्वासन देना पड़ा।
तन्खा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखे अपने संदेश में बताया कि इस पहल में उनके साथ राज्यसभा सांसद सागरिका घोष और जॉन ब्रिटास भी शामिल थे। तीनों सांसदों ने वांगचुक से उपवास समाप्त करने का आग्रह किया था।
उन्होंने कहा कि यह घटनाक्रम लोकतांत्रिक संवाद और शांतिपूर्ण प्रयासों की सफलता का प्रतीक है। तन्खा ने उम्मीद जताई कि सरकार आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर दिए गए आश्वासनों को गंभीरता से लागू करेगी और उनके समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाएगी।







