भोपालमध्य प्रदेश

पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण का समर्थन, किसानों को होगा बड़ा फायदा : के साईं रेड्डी

पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण का समर्थन, किसानों को होगा बड़ा फायदा : के साईं रेड्डी

सीएम डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के बाद बोले भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुरैना शुगर फैक्ट्री दो साल में शुरू होने की उम्मीद

भोपाल, यश भारत। भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साईं रेड्डी ने पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण का समर्थन करते हुए कहा कि इससे किसानों की आय बढ़ेगी प्रदूषण कम होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि इथेनॉल का विरोध करना किसानों के हितों का विरोध करने जैसा है। भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के बाद मीडिया से चर्चा में रेड्डी ने बताया कि प्रदेश के किसानों और कृषि से जुड़े विभिन्न विषयों पर मुख्यमंत्री से विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने हाल ही में मुरैना स्थित बंद पड़ी शुगर फैक्ट्री का निरीक्षण भी किया। यह फैक्ट्री वर्ष 2008 से बंद है और इसे अगले दो वर्षों में फिर से शुरू करने की योजना है। उन्होंने कहा कि किसानों की स्पष्ट राय है कि मुरैना शुगर फैक्ट्री का संचालन सहकारी मॉडल को ऑपरेटिव के तहत होना चाहिए। इसे न तो निजी क्षेत्र और न ही एमएसएमई मॉडल में दिया जाना चाहिए। के साईं रेड्डी ने कहा कि देशभर की शुगर फैक्ट्रियों में गन्ने के रस से 100 प्रतिशत इथेनॉल का उत्पादन किया जा सकता है। इसके अलावा मक्का और चावल से भी इथेनॉल तैयार किया जा सकता है जिससे किसानों को अपनी फसलों का बेहतर मूल्य मिलेगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी 100 प्रतिशत इथेनॉल आधारित ईंधन की दिशा में काम करने की बात कह चुके हैं। उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने वर्ष 2005 में पेट्रोल में 5 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण का निर्णय लिया था। आज यह नीति देश के ऊर्जा सुरक्षा अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। रेड्डी ने कहा कि पिछले दस दिनों से देश में इथेनॉल के विरोध में जो अभियान चलाया जा रहा है, वह गलत है। उनके अनुसार पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण से प्रदूषण कम होगा कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटेगी और किसानों को अतिरिक्त आय का स्रोत मिलेगा। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में इथेनॉल उत्पादन से जुड़ी करीब 20 नई फैक्ट्रियां स्थापित होने की संभावना है। इससे लगभग 10 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ब्राजील जैसे देश में पेट्रोल में लगभग 30 प्रतिशत इथेनॉल का सफलतापूर्वक उपयोग किया जा रहा है और भारत भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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