लापरवाही पर बड़ा एक्शन: कोहेफिजा टीआई पर 50 हजार और प्रधान आरक्षक पर 5 हजार का जुर्माना

लापरवाही पर बड़ा एक्शन: कोहेफिजा टीआई पर 50 हजार और प्रधान आरक्षक पर 5 हजार का जुर्माना
भोपाल, यश भारत। भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने अनुशासनहीनता और कर्त्तव्य में लापरवाही बरतने के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए कोहेफिजा थाना प्रभारी के.जी. शुक्ला पर 50 हजार रुपये और प्रधान आरक्षक रामभरत सुमन पर 5 हजार रुपये का भारी-भरकम आर्थिक दंड लगाया है। यह दंडात्मक कार्रवाई दिवंगत गैंगस्टर मुख्तार मलिक के बेटे और कुख्यात हिस्ट्रीशीटर यासीन मलिक से जुड़े मामले में कथित लापरवाही और ढिलाई बरतने के आरोप में की गई है।
पुलिस कमिश्नर की इस बड़ी कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले के अनुसार, जिला बदर होने के बावजूद हिस्ट्रीशीटर यासीन मलिक शहर की सीमा में घूम रहा था। उसने बीते 19 मई को रेगालिया हाइट्स अपार्टमेंट में घुसकर रहवासियों पर जानलेवा हमला किया और वहां खड़े कई वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की थी। इतनी गंभीर घटना होने के बावजूद कोहेफिजा पुलिस ने तत्परता नहीं दिखाई और मामले में करीब 6 दिन बाद यानी 25 मई को एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस की इस कछुआ चाल और देरी को लेकर आला अधिकारियों के सामने गंभीर सवाल खड़े हो रहे थे।
मुखबिर की शिकायत पर खुली पोल, कमिश्नर की फटकार के बाद हुई थी गिरफ्तारी
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस कमिश्नर संजय कुमार को उन गंभीर आरोपों के इनपुट्स मिले थे जिनमें कहा गया था कि थाना प्रभारी द्वारा आरोपी को संरक्षण दिया जा रहा था और उसके सटीक ठिकाने की जानकारी होने के बाद भी समय पर दबिश नहीं दी गई। इस पूरे मामले का भंडाफोड़ तब हुआ जब पुलिस के ही एक मुखबिर ने सीधे पुलिस कमिश्नर से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। मुखबिर का आरोप था कि उसने यासीन मलिक की मौजूदगी की सटीक सूचना टीआई के.जी. शुक्ला को दी थी, लेकिन उन्होंने इस पर एक्शन लेने के बजाय जानकारी को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया।
मुखबिर की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस कमिश्नर ने कोहेफिजा पुलिस को कड़ी फटकार लगाई थी, जिसके बाद दबाव में आई पुलिस ने आनन-फानन में कार्रवाई करते हुए यासीन मलिक को जिला बदर आदेश के उल्लंघन (रासुका/प्रतिबंधात्मक धाराओं) के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अब प्रारंभिक जांच में लापरवाही सिद्ध होने पर कमिश्नर ने दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ यह बड़ी वित्तीय पेनाल्टी लगाने के आदेश जारी किए हैं।







