डिजिटल युग में सुरक्षा केवल तकनीकी मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा का प्रश्न: सीएम डॉ. मोहन यादव

डिजिटल युग में सुरक्षा केवल तकनीकी मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा का प्रश्न: सीएम डॉ. मोहन यादव
रविंद्र भवन में मुख्यमंत्री ने लॉन्च किया सेफ क्लिक 2.0 साइबर जागरूकता अभियान; पुलिस और साइबर सेल को किया जा रहा और सशक्तयश
भोपाल, यशभारत। राजधानी के प्रतिष्ठित रविंद्र भवन में मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में सेफ क्लिक 2.0 साइबर जागरूकता अभियान का भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर राज्य सरकार ने डिजिटल सुरक्षा को मजबूती देने तथा नागरिकों में साइबर खतरों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कई नई और महत्वपूर्ण पहलें घोषित कीं।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री के डिजिटल संरचना उद्देश्यों के संदर्भ में मुख्यमंत्री के स्वागत भाषण से हुई। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि डिजिटल युग में सुरक्षा केवल तकनीकी मुद्दा नहीं बल्कि सामाजिक सुरक्षा का भी प्रश्न है। उन्होंने साफ किया कि सेफ क्लिक 2.0 का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं बल्कि नागरिकों को व्यवहारिक रूप से सशक्त करना है, ताकि वे ऑनलाइन धोखाधड़ी, फ़िशिंग, मैलवेयर व पहचान चोरी जैसी घटनाओं से सुरक्षित बच सकें।मुख्यमंत्री ने राज्य प्रशासन द्वारा तैयार किए गए कई आधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षण मॉड्यूल्स का उल्लेख किया।

उन्होंने बताया कि इस नए अभियान में स्थानीय भाषा में प्रशिक्षण सामग्री, मोबाइल ऐप-आधारित गाइड और स्कूली व कॉलेज स्तर पर विशेष साइबर साक्षरता कार्यक्रम शामिल होंगे। इसके साथ ही उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि साइबर अपराधों के प्रति लापरवाही या नदुरुस्ती दिखाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए पुलिस तथा साइबर सेल को और अधिक सशक्त व संसाधनों से लैस किया जा रहा है।

विशेषज्ञों ने दिए व्यावहारिक टिप्स उद्घाटन सत्र के बाद आयोजित पैनल चर्चा में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने नागरिकों के लिए व्यावहारिक टिप्स साझा किए। पैनल में शामिल प्रमुख वक्ताओं ने पासवर्ड प्रबंधन, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन, संदिग्ध लिंक और अनजान ईमेल से बचाव के उपायों पर विशेष जोर दिया। पैनल ने छोटे व्यापारियों और सरकारी सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने का प्रस्ताव भी रखा।
पिछले वर्ष बढ़े साइबर अपराध के ग्राफ से बढ़ी चिंता कार्यक्रम में शिक्षा विभाग व सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अधिकारियों ने साझा किए गए आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि पिछले वर्ष राज्य में दर्ज साइबर अपराधों में भारी बढ़ोतरी देखी गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह अभियान बेहद समयानुकूल और आवश्यक है। अधिकारियों ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे किसी भी संदिग्ध घटना की सूचना तुरंत नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन या राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर पर दें।
गांव-गांव पहुंचेगा जागरूकता रथ सेफ क्लिक 2.0 के तहत ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में मोबाइल वैन के माध्यम से शिविर, निःशुल्क वर्कशॉप, स्कूलों में इंटरेक्टिव क्लास और छोटे व्यापारियों के लिए साइबर सुरक्षा किट वितरित करने की योजना है। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जागरूकता वीडियो व स्थानीय भाषाओं में इन्फोग्राफिक्स भी प्रसारित किए जाएंगे ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक इस सुरक्षा अभियान की पहुंच सुनिश्चित की जा सके।







