भोपाल

पॉलीटेक्निक चौराहा पर खराब सिग्नल और अव्यवस्थित ट्रैफिक से बढ़ी परेशानी

पॉलीटेक्निक चौराहा पर खराब सिग्नल और अव्यवस्थित ट्रैफिक से बढ़ी परेशानी
भोपाल, यशभारत। राजधानी के सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त यातायात केंद्रों में शामिल पॉलीटेक्निक चौराहा इन दिनों शहरवासियों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। मुख्यमंत्री निवास, पुराने शहर, वीआईपी रोड और नए भोपाल को जोड़ने वाले इस प्रमुख चौराहे पर यातायात व्यवस्था लगातार दबाव में है। सिग्नल प्रणाली में तकनीकी खामियों और बढ़ते वाहनों के बोझ के चलते यहां रोजाना लंबा जाम लग रहा है। स्थिति यह है कि कई बार वाहन चालकों को चौराहा पार करने के लिए दो से तीन सिग्नल चक्र तक इंतजार करना पड़ता है।
पीक आवर्स में हालात सबसे ज्यादा खराब हो जाते हैं। सुबह और शाम के समय वाहनों की संख्या इतनी बढ़ जाती है कि यातायात पुलिस को सिग्नल व्यवस्था छोड़कर मैन्युअल रूप से ट्रैफिक नियंत्रित करना पड़ता है। इसके बावजूद वाहन रेंगते नजर आते हैं और लोगों का कीमती समय जाम में फंसकर बर्बाद हो रहा है।
लाल बत्ती पर लंबा इंतजार, हरी बत्ती का समय बेहद कम
चौराहे से गुजरने वाले वाहन चालकों की सबसे बड़ी शिकायत सिग्नल टाइमिंग को लेकर है। रवींद्र भवन, बाणगंगा और कमला पार्क की ओर से आने वाले वाहनों को 100 सेकंड से अधिक समय तक रेड लाइट पर रुकना पड़ता है, जबकि ग्रीन सिग्नल केवल कुछ सेकंड के लिए मिलता है। इसी तरह सीएम हाउस और स्मार्ट सिटी मार्ग से आने वाले वाहन चालकों को भी लंबा इंतजार करना पड़ता है। नतीजतन वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और जाम का दायरा आसपास की सड़कों तक फैल जाता है।
निगरानी के अभाव में बढ़ रही रेड लाइट जंपिंग
यातायात नियमों के उल्लंघन की समस्या भी यहां गंभीर होती जा रही है। दोपहर और गैर-पीक समय में जब पुलिसकर्मी कम दिखाई देते हैं, तब कई दोपहिया चालक रेड लाइट की अनदेखी कर निकल जाते हैं। चौराहे पर प्रभावी सीसीटीवी निगरानी नहीं होने से नियम तोड़ने वालों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। इससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ रही है।
संरचनात्मक बदलाव के बिना नहीं मिलेगी राहत
यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि केवल सिग्नल टाइमिंग बदलने से समस्या का समाधान नहीं होगा। पॉलीटेक्निक चौराहा पांच प्रमुख मार्गों के यातायात को संभालता है, ऐसे में यहां स्थायी और वैज्ञानिक समाधान की जरूरत है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि लेफ्ट टर्न को पूरी तरह बाधामुक्त किया जाए और रास्ता रोककर खड़े होने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई हो।
रोटरी और फ्री लेफ्ट टर्न बने चर्चा का विषय
यातायात अधिकारियों के अनुसार चौराहे की बड़ी रोटरी भी जाम का एक कारण है। कमला पार्क से रवींद्र भवन की ओर जाने वाले मार्ग पर फ्री लेफ्ट टर्न शुरू करने और रोटरी के आकार में बदलाव से यातायात दबाव कम किया जा सकता है। हालांकि इसके लिए तकनीकी अध्ययन और आधारभूत सुधार जरूरी हैं।

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