सोनम वांगचुक के समर्थन से CJP आंदोलन को मिली नई धार, अभिजीत दीपके ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की दोहराई मांग
गर्मी के बीच बिगड़ी अभिजीत दीपके की तबीयत

नई दिल्ली। शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के आंदोलन को उस समय नई मजबूती मिली, जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने खुलकर इस प्रदर्शन का समर्थन किया। जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में वांगचुक की मौजूदगी और समर्थन ने आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया।
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि संगठन का उद्देश्य विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर जवाबदेही तय करना है। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए आरोप लगाया कि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान देने के बजाय संगठन की सोशल मीडिया गतिविधियों को निशाना बना रही है।
सोनम वांगचुक ने जताया समर्थन
प्रदर्शन में शामिल हुए सोनम वांगचुक ने आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि युवाओं की आवाज को लोकतांत्रिक तरीके से सुना जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि अभिजीत दीपके को गिरफ्तार किया जाता है, तो वह इसके विरोध में छह सप्ताह का अनशन करेंगे। वांगचुक के इस ऐलान के बाद आंदोलन को और अधिक समर्थन मिलने की संभावना जताई जा रही है।
गर्मी के बीच बिगड़ी अभिजीत दीपके की तबीयत
शनिवार को दिल्ली में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। इसी दौरान अत्यधिक गर्मी के कारण अभिजीत दीपके की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें मंच के पीछे ले जाया गया। भीड़ अधिक होने के कारण उन्हें पास खड़ी गाड़ी में बैठाकर प्राथमिक देखभाल उपलब्ध कराई गई।
‘डर के माहौल में आवाज उठाना भी संघर्ष’
तबीयत बिगड़ने से पहले जंतर-मंतर से प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए दीपके ने कहा कि उनकी मां को हमेशा इस बात का डर रहता है कि सरकार विरोध की आवाज उठाने पर उन्हें जेल भेज सकती है। उन्होंने कहा कि देश में कई परिवार ऐसे भय के माहौल का सामना कर रहे हैं, लेकिन लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाना जरूरी है।
‘यह लंबी लड़ाई है’
दीपके ने समर्थकों से कहा कि यह संघर्ष लंबा है और पिछले एक महीने से सोशल मीडिया पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी ऑनलाइन गतिविधियों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन इससे आंदोलन की भावना को समाप्त नहीं किया जा सकता।
युवाओं और छात्रों की बड़ी भागीदारी
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और युवा प्रोफेशनल शामिल हुए। कई प्रदर्शनकारी कॉकरोच के मुखौटे पहने हुए नजर आए, जबकि कुछ अपने हाथों में फूल लिए हुए थे। स्कूली छात्र भी अपने अभिभावकों के साथ प्रदर्शन में पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की।
शांतिपूर्ण आंदोलन की अपील
दिल्ली पहुंचने के बाद दीपके ने समर्थकों से प्रदर्शन को पूरी तरह शांतिपूर्ण और अनुशासित बनाए रखने की अपील की। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों से राष्ट्रीय ध्वज और किताबें साथ लाने तथा पुलिसकर्मियों को सम्मान और सद्भावना के प्रतीक स्वरूप फूल भेंट करने का आग्रह किया।
परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन
सीजेपी के इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य नीट (NEET), सीबीएसई (CBSE), सीयूईटी (CUET) और एसएससी (SSC) सहित विभिन्न परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग करना है। प्रदर्शन को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी।







