पेपर लीक और परीक्षा घोटालों के विरोध में भोपाल में सीएम हाउस घेरेगा एनएसयूआई

पेपर लीक और परीक्षा घोटालों के विरोध में भोपाल में सीएम हाउस घेरेगा एनएसयूआई
– राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ की मौजूदगी में प्रदेशभर के हजारों छात्र होंगे शामिल
– शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और छात्र संघ चुनाव बहाली मुख्य मांग
भोपाल,यशभारत। एनटीए द्वारा आयोजित परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों, पेपर लीक और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ के विरोध में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन आज राजधानी भोपाल में बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने जा रहा है। एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने बताया कि इन गंभीर मुद्दों को लेकर आज, 30 मई को शाम 4 बजे संगठन द्वारा मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा। इस आंदोलन में शामिल होने के लिए एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ विशेष रूप से भोपाल आ रहे हैं।
5 से 7 हजार छात्र जुटेंगे, पीड़ित विद्यार्थी भी होंगे शामिल
प्रदेश अध्यक्ष चौकसे के मुताबिक, इस घेराव में मध्य प्रदेश के कोने-कोने से 5 से 7 हजार छात्र भोपाल पहुंच रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि इस आंदोलन में लगभग 1000 ऐसे छात्र भी शामिल होंगे, जो सीधे तौर पर नीट परीक्षा में हुई धांधली से प्रभावित हुए हैं। चौकसे ने कहा कि यह आंदोलन केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं है, बल्कि देश और प्रदेश के लाखों छात्रों के हक और उनके भविष्य को बचाने की लड़ाई है।
ये हैं एनएसयूआई की प्रमुख मांगें:
केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: नीट और अन्य एनटीए परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत इस्तीफा दें।
छात्र संघ चुनाव की बहाली: मध्य प्रदेश के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए छात्र संघ चुनाव दोबारा शुरू कराए जाएं।
आरजीपीवी का विखंडन रोका जाए: राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को बांटने या उसके विखंडन की कोशिशों पर तुरंत रोक लगे।
प्रदेश सरकार और केंद्र पर निशाना साधते हुए आशुतोष चौकसे ने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विद्यार्थियों से ‘परीक्षा पर चर्चा’ कर उनका तनाव कम करने का ढोंग करते हैं, वहीं दूसरी तरफ लगातार हो रहे पेपर लीक और परीक्षा घोटाले छात्रों को गहरे मानसिक तनाव में धकेल रहे हैं। नीट जैसी देश की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण परीक्षा में हुई धांधली पर प्रधानमंत्री की चुप्पी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि देश का युवा आज जवाब मांग रहा है। अब यह व्यवस्था बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी कि छात्र सालों-साल मेहनत करें और शिक्षा माफिया चंद रुपयों में पेपर बेच दें। एनएसयूआई छात्रों की आवाज को मजबूती से उठाती रहेगी और उनके भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रखेगी।







