महंगाई की मार : कटनी में पेट्रोल 110 के पार, ईधन महंगा होने से बढ़ेगा परिवहन खर्च, रोजमर्रा की वस्तुओं पर भी असर, कीमतों में वृद्धि के बीच शहर के आधे पंपों में स्टाक खत्म

कटनी, यशभारत। पहले से महंगाई की मार झेल रही आम जनता को आज एक बार फिर बड़ा झटका लगा। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में सुबह-सुबह की गई बढ़ोतरी ने मध्यम और निम्नवर्गीय परिवारों का बजट बिगाड़ दिया। नई दरें सुबह 6 बजे से लागू कर दी गई। कीमतों में वृद्धि के बाद वाहन चालकों, व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं की परेशानियां बढ़ गईं। जानकारी के अनुसार पेट्रोल के दाम में 3.28 रुपये प्रति लीटर तथा डीजल के दाम में 3.09 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। नई कीमतें लागू होने के बाद कटनी में पेट्रोल 110.85 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमतें 95.97 रुपये प्रति लीटर हो गई हैं। कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर परिवहन व्यवस्था पर पड़ेगा। ट्रांसपोर्ट खर्च बढऩे से माल भाड़ा महंगा होगा, जिसका असर रोजमर्रा में उपयोग होने वाली वस्तुओं की कीमतों पर देखने को मिलेगा। आने वाले दिनों में सब्जी, किराना, दूध, निर्माण सामग्री और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
घरेलू बजट बिगड़ा : संजय
संजय खूबचंदानी ने कहा कि लगातार बढ़ती पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने घरेलू बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। नौकरीपेशा और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए रोजाना का खर्च संभालना मुश्किल होता जा रहा है। वहीं टैक्सी, ऑटो और माल परिवहन से जुड़े लोगों का कहना है कि ईधन महंगा होने से किराया बढ़ाने की नौबत आ सकती है।
महंगाई में आएगी तेजी : राजेश
राजेश भारद्वाज ने कहा कि यदि पेट्रोल डीजल के दाम इसी तरह बढ़ते रहे तो बाजार में महंगाई में तेजी आएगी। इसका असर सीधे आम जनता पर पड़ेगा। लोगों ने सरकार से ईधन की कीमतों पर राहत देने और महंगाई नियंत्रित करने की मांग की है।
स्टाक खत्म के बाद हाईवे के पंपों की दौड़
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि के बीच इसकी सप्लाई भी बाधित हो गई है। हालत यह है कि जिले में संचालित 112 पेट्रोल पंपों में से करीब 60 प्रतिशत पंप ड्राई की स्थिति में पहुंच गए हैं, जबकि 24 पेट्रोल पंपों में से आधे पंपों पर पेट्रोल-डीजल का स्टाक खत्म हो चुका है। कई प्रमुख पंपों पर सुबह से ही सप्लाई बंद होने के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़।
अतिरिक्त स्टॉक की व्यवस्था समाप्त
जिले में नायरा और जियो कंपनी का ईधन इंदौर से पहुंचता है, जबकि अन्य तेल कंपनियों की सप्लाई भिटौनी-जबलपुर डिपो से की जाती है। प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील के बीच तेल कंपनियों ने भी सप्लाई पर सख्त नियंत्रण शुरू कर दिया है। कंपनियां अब ऑटोमेशन प्रणाली के जरिए पेट्रोल पंपों की डिजिटल निगरानी कर रही हैं और जरूरत के अनुसार ही सीमित मात्रा में ईधन उपलब्ध करा रही हैं। अतिरिक्त स्टॉक की व्यवस्था लगभग समाप्त हो गई है।
महीने में 5 से 6 टैंकर सप्लाई
पंप संचालकों के अनुसार पहले जहां किसी पंप पर महीने में 5 से 6 टैंकर तक सप्लाई पहुंच जाती थी, वहीं अब यह संख्या घटकर केवल 2 से 3 टैंकर रह गई है। टैंकर आने में भी पहले की तुलना में अधिक समय लग रहा है। कई बार सात-सात दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। शहर के कई प्रमुख पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म होने की स्थिति बन गई है। इनमें मेन रोड चाका स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम पंप, पुरैनी का नायरा पंप, इंडियन ऑयल पंप पुरैनी, सीताराम ब्रदर्स पन्ना मोड़ और मिशन चौक स्थित भारत पेट्रोलियम पंप प्रमुख हैं। इन पंपों के ड्राई होने के बाद हाइवे किनारे संचालित पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं।
जंग की तपिश का असर
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव और युद्ध जैसे हालातों का असर अब ईधन बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत पहले से बनी हुई है तो वहीं अब पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता पर भी दबाव बढ़ गया है। हालांकि आम ग्राहकों पर इसका बड़ा असर फिलहाल दिखाई नहीं दे रहाए लेकिन पंप संचालकों के स्तर पर स्थिति चिंताजनक होती जा रही है।
हर दिन 6 से 7 लाख लीटर ईधन की खपत
कटनी जिले में पेट्रोल और डीजल की खपत लगातार बढ़ रही है। अनुमान के मुताबिक जिले में प्रतिदिन करीब 6 से 7 लाख लीटर पेट्रोल.डीजल की बिक्री होती है। पंप संचालकों का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढऩे के बावजूद ईंधन की खपत कम नहीं हुईए बल्कि पिछले साल की तुलना में लगभग 5 प्रतिशत तक बढ़ी है। पंप संचालकों का कहना है कि कंपनियों द्वारा की जा रही कंट्रोलिंग के कारण हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। यदि सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई तो कई पंप पूरी तरह बंद होने की स्थिति में पहुंच सकते हैं।
क्या कहते हैं संचालक
पिछले दिनों कई बार पंप ड्राई की स्थिति में आ चुका है। टैंकर आने में सात दिन तक लग रहे हैं। कंपनियों ने अपने स्तर से ही तेल की शॉर्ट सप्लाई शुरू कर दी है।
-शशांक चांडक, पेट्रोल पंप संचालक
कंपनी अधिकारियों ने नहीं दिया जवाब
जिले की वास्तविक स्थिति और सप्लाई व्यवस्था को लेकर भारत पेट्रोलियम के सेल्स ऑफिसर विनय कुमार मीणा से कई बार मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
इनका कहना है
पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति कंपनियां अब पंपों को खपत के अनुसार दे रही हैं। पहले जितना ऑर्डर होता था, उतनी सप्लाई मिल जाती थीए लेकिन अब कंपनियां कंट्रोल कर रही हैं, हालांकि जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और फिलहाल जिले में सामान्य हालात हैं।
-एस एस परिहार, जिला आपूर्ति अधिकारी







