राजस्व अधिकारी को जिला शिक्षा अधिकारी बनाने से आक्रोश, सवर्ण अधिकारी कर्मचारी संगठन ने शिक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री से की शिकायत, हटाया नहीं गया तो प्रदेश व्यापी आंदोलन की चेतावनी

पन्ना, यशभारत। पन्ना जिले में शिक्षा विभाग के मुखिया का पदभार सौंपने की प्रक्रिया अब विवादों के घेरे में आ गई है। सवर्ण अधिकारी एवं कर्मचारी संगठन मध्यप्रदेश ने इस संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर पन्ना जिला प्रशासन द्वारा किए गए प्रभार हस्तांतरण पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इसके अलावा भोपाल जिला इकाई के अध्यक्ष एवं सवर्ण अधिकारी एवं कर्मचारी संगठन पन्ना के प्रदेश उपाध्यक्ष इंजीनियर राघवेंद्र शर्मा ने स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह से मिलकर शिकायत पत्र सौंपकर कार्यवाही की मांग की है। इसके अलावा मुख्य सचिव मप्र शासन, स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को भी ज्ञापन भेजा गया है। संगठन का आरोप है कि पन्ना जिला प्रशासन ने राज्य शासन के नियमों को ताक पर रखकर एक विभागीय विशेषज्ञ अधिकारी की जगह राजस्व विभाग के अधिकारी को प्रभार सौंप दिया है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष व्याप्त है। विदित हो कि 31 मार्च को पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी रवि प्रकाश खरे सेवानिवृत्त हुए थे। उनके जाने के बाद शासन की नीतियों के अनुसार 1 अप्रैल को सहायक संचालक अमित जैन को जिला शिक्षा अधिकारी का प्रभार सौंपा गया था। अमित जैन की यह नियुक्ति उनकी विभागीय वरिष्ठता और प्रशासनिक सुविधा के आधार पर की गई थी, जो शिक्षा विभाग के नियमों के अनुरूप थी लेकिन चौंकाने वाला घटनाक्रम तब हुआ, जब मात्र 35 दिनों के भीतर कलेक्टर पन्ना द्वारा एक नया आदेश जारी कर दिया गया। 4 मई को जारी इस आदेश के जरिए अमित जैन से प्रभार छीनकर कार्यवाहक डिप्टी कलेक्टर गया, जिनका मूल पद तहसीलदार अनिल कुमार तलैया को दे दिया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर अजय तिवारी ने मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में इस निर्णय पर तीखी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला शिक्षा अधिकारी का पद सेवा का एक विशिष्ट पद है, जिसमें विभागीय वरिष्ठता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि अनिल कुमार तलैया का मूल पद राजस्व विभाग से संबंधित है और उनकी पूर्व कार्यशैली भी विवादित रही है। ऐसे में एक विभागीय अधिकारी को हटाकर दूसरे विभाग के गैर विशेषज्ञ को प्रभार देना नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है और यह एक ईमानदार अधिकारी के साथ अन्याय है।
पूरी प्रक्रिया को अनुचित बताया संगठन ने
सवर्ण संगठन ने इस पूरी प्रक्रिया को अनुचित बताते हुए मांग की है कि अनिल कुमार तलैया को तत्काल पदमुक्त किया जाए। संगठन ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि अमित जैन को यथावत जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर बहाल किया जाए ताकि विभाग में शासन के नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके यदि श्री तलैया को नही हटाया गया तो संगठन द्वारा प्रदेश व्यापी आंदोलन किया जायेगा।







