भोपाल में महिला सशक्तिकरण की मिसाल, प्रदर्शनी से बच्चियों की शिक्षा को मिल रहा सहारा महिला उद्यमियों को मंच, आय का पूरा हिस्सा जरूरतमंद बेटियों की पढ़ाई के लिए समर्पित

भोपाल में महिला सशक्तिकरण की मिसाल, प्रदर्शनी से बच्चियों की शिक्षा को मिल रहा सहारा
महिला उद्यमियों को मंच, आय का पूरा हिस्सा जरूरतमंद बेटियों की पढ़ाई के लिए समर्पित
भोपाल यश भारत। राजधानी भोपाल में महिला सशक्तिकरण की एक अनोखी और प्रेरणादायक पहल सामने आई है जहां हुनर और सामाजिक जिम्मेदारी का सुंदर संगम देखने को मिल रहा है। यहां आयोजित विशेष प्रदर्शनी में एक ओर महिला उद्यमियों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और पहचान बनाने का अवसर मिल रहा है तो दूसरी ओर इस पहल के माध्यम से जरूरतमंद बच्चियों की शिक्षा का जिम्मा भी उठाया जा रहा है। साल 2019 से लगातार आयोजित हो रही इस प्रदर्शनी ने अब एक सामाजिक आंदोलन का रूप ले लिया है। इसमें हैंडीक्राफ्ट और हैंडलूम उत्पादों को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है। देशी कला और पारंपरिक शिल्प को प्रोत्साहन देने के साथ साथ यह मंच महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस बार प्रदर्शनी की सबसे खास बात यह है कि इससे होने वाली पूरी आय आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बच्चियों की शिक्षा के लिए दान की जाएगी। आयोजकों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल व्यापार नहीं बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और बेटियों के भविष्य को संवारना है। प्रदर्शनी में करीब 65 महिला उद्यमियों ने अपने अपने स्टॉल लगाए हैं जहां विभिन्न प्रकार के हस्तशिल्प, कपड़े, आभूषण और घरेलू उत्पाद आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। स्थानीय लोगों की भी इस आयोजन में अच्छी भागीदारी देखने को मिल रही है, जिससे महिला उद्यमियों का उत्साह बढ़ा है। अब तक इस पहल के माध्यम से 500 से अधिक महिलाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिल चुका है। यह मंच न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बना रहा है, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास और पहचान भी दिला रहा है। इस तरह के प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाते हैं। महिला सशक्तिकरण के साथ साथ शिक्षा को बढ़ावा देने की यह पहल एक उदाहरण बनकर उभर रही है जो अन्य शहरों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकती है।







