
जबलपुर: पश्चिम मध्य रेल के जबलपुर रेल मंडल के लिए गोंडवाना एक्सप्रेस सबसे अधिक कमाई करने वाली ट्रेन बनकर उभरी है। इस ट्रेन ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में आरक्षित यात्रियों से ₹43.39 करोड़ का राजस्व प्राप्त किया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, गाड़ी संख्या 22181 जबलपुर-निजामुद्दीन गोंडवाना एक्सप्रेस ने एक ट्रिप में औसतन ₹11.89 लाख की कमाई की है।
जबकि आमतौर पर वंदे भारत एक्सप्रेस को सबसे अधिक राजस्व अर्जित करने वाली ट्रेन माना जाता है, गोंडवाना एक्सप्रेस ने इस मामले में उसे भी पीछे छोड़ दिया है। जबलपुर स्टेशन से रोजाना और साप्ताहिक रूप से चलने वाली 30 ट्रेनों में गोंडवाना एक्सप्रेस शीर्ष पर रही।
गोंडवाना की सफलता के पांच कारण:
अधिकारियों के अनुसार, गोंडवाना एक्सप्रेस की इस सफलता के पांच मुख्य कारण हैं:
- दिल्ली जैसे प्रमुख शहर से सीधा जुड़ाव
- यात्रियों की उच्च संख्या
- एसी और स्लीपर कोचों की अधिक संख्या
- व्यावसायिक और पर्यटक यात्रियों की अधिकता
- यात्रा का उपयुक्त समय
हमेशा रहती है लंबी वेटिंग:
जबलपुर से निजामुद्दीन जाने वाली गोंडवाना एक्सप्रेस में हमेशा लंबी वेटिंग लिस्ट रहती है, औसतन 87 यात्री प्रतीक्षा सूची में होते हैं। 31 मार्च 2013 को शुरू हुई यह ट्रेन अपनी 12 वर्ष की यात्रा पूरी कर चुकी है और इसमें कुल 22 कोच हैं, जिनमें एसी-9, स्लीपर-7 और जनरल कोच-4 शामिल हैं।
श्रीधाम और दयोदय एक्सप्रेस भी आगे:
गोंडवाना एक्सप्रेस के बाद, जबलपुर स्टेशन से खुलने वाली दूसरी सबसे अधिक राजस्व अर्जित करने वाली ट्रेन 12192 जबलपुर-निजामुद्दीन श्रीधाम एक्सप्रेस है, जबकि तीसरे स्थान पर जबलपुर-अजमेर दयोदय एक्सप्रेस है।
सबसे कम राजस्व वाली ट्रेन:
वहीं, जबलपुर स्टेशन से चलने वाली ट्रेनों में सबसे कम राजस्व अर्जित करने वाली गाड़ी संख्या 22174 जबलपुर-चांदाफोर्ट सुपरफास्ट एक्सप्रेस है।
गोंडवाना एक्सप्रेस की यह शानदार सफलता दर्शाती है कि यह ट्रेन यात्रियों की सुविधा और रेलवे के राजस्व के लिए कितनी महत्वपूर्ण है।







