जैन समाज ने निकाला मौन जुलूस, कोतवाली के बाहर दिया धरना, विधायक भी पहुंचे, कलेक्टर-एसपी को बुलाने की मांग

कटनी, यशभारत। रीवा में दो माता जी के साथ हुई घटना को लेकर कटनी जैन समाज ने आज दोपहर अपने प्रतिष्ठान बन्द रखते हुए शाम को मौन जुलूस निकाला। मौन जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कोतवाली थाने पहुंचा। यहां जैन समाज के लोगों ने विभिन्न मांगों को लेकर कोतवाली थाने के बाहर धरना दे दिया। मौन जुलूस में बड़ी संख्या में जैन समाज के पुरुषों और महिलाओं की मौजूदगी रही। बताया जाता है कि जैन समाज के लोग कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को बुलाने की मांग कर रहे हैं। धरने में विधायक सन्दीप जायसवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक सोनी टण्डन, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमित शुक्ला सहित अन्य सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों और सदस्यों की उपस्थिति रही। मौके पर नगर पुलिस अधीक्षक ने भी पहुंचकर जैन समाज के लोगों से बात की लेकिन समाज के लोग कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से मिलकर अपनी बात रखने पर अड़े हुए हैं।
कटनी में प्रतिष्ठान बंद रखा, फूटा जैन समाज का आक्रोश
रीवा कलेक्ट्रेट के सामने 20 मई को हुई एक ह्रदयविदारक सड़क दुर्घटना में दो जैन साध्वियों के असामयिक निधन के बाद पूरे जैन समाज में गहरा आक्रोश और शोक व्याप्त है। इस घटना के विरोध में सोमवार शाम 6:30 बजे कटनी के जैन कीर्ति स्तंभ से जैन समाज के नेतृत्व में एक विशाल और अभूतपूर्व ‘मौन जुलूस’ निकाला गया। इस दौरान समाज के लोगों ने न केवल जुलूस में बढ़-चढ़कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, बल्कि अपने-अपने व्यावसायिक प्रतिष्ठान और दुकानें बंद रखकर इस विरोध प्रदर्शन में अपना पूर्ण सहयोग प्रदान किया। प्रदर्शन के दौरान समाज के सैकड़ों सदस्यों ने अपने हाथों में विरोध की तख्तियां लेकर और आंखों व हाथों पर काली पट्टी बांधकर बेहद शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से अपना विरोध जताया।
गृह मंत्री और मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
कीर्ति स्तंभ से शुरू हुए इस मौन जुलूस के समापन पर प्रदर्शनकारियों ने देश के गृह मंत्री, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और स्थानीय कलेक्टर के नाम प्रशासनिक अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से समाज ने रीवा हादसे के दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने और देश-प्रदेश में पैदल विहार करने वाले जैन साधु-संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की है। यह दर्दनाक घटना 20 मई को रीवा कलेक्ट्रेट के ठीक सामने घटित हुई थी। प्रत्यक्षदर्शियों और प्राप्त जानकारी के अनुसार, तीन जैन साध्वियां सड़क के किनारे बेहद सादगी से पैदल विहार (यात्रा) कर रही थीं। इसी दौरान पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।









