जबलपुर

फर्जी रजिस्ट्री के आधार पर नामांतरण, एफआईआर दर्ज,संदेह के दायरे में तत्कालीन नायब तहसीलदार की भूमिका, जांच शुरू

जबलपुर। ग्वारीघाट थाना क्षेत्र में जालसाजी और कूटरचित दस्तावेजों के सहारे जमीन की हेराफेरी करने के मामले में न्यायालय के कड़े रुख के बाद पुलिस ने रामपुर निवासी मुन्ना सिंह ठाकुर के खिलाफ धोखाधड़ी सहित जालसाजी का मामला दर्ज कर लिया है। इ स मामले में तत्कालीन नायब तहसीलदार की भूमिका संदेह के दायरे में है जिसको लेकर भी जांच पड़ताल शुरू कर दी है ।

पुलिस सूत्रों के अनुसार न्यायालय में लंबित प्रकरण नरेंद्र विरुद्ध मुन्ना व अन्य की सुनवाई के दौरान यह बात सामने आया कि 25 दिसम्बर 2012 को निष्पादित दिखाया गया विक्रय पत्र (रजिस्ट्री क्रमांक 2132) पूरी तरह फर्जी और कूटरचित है। आवेदन पत्र के निराकरण पर न्यायालय ने पाया कि इस दस्तावेज के आधार पर गलत तरीके से लाभ प्राप्त किया गया। इस मामले में अहम बात यह है कि जब विक्रय पत्र वास्तव में पंजीकृत ही नहीं हुआ था, तो तत्कालीन नायब तहसीलदार गोरखपुर ने किस आधार पर जमीन का नामांतरण आरोपी के पक्ष में कर दिया। न्यायालय ने पुलिस को निर्देशित किया है कि वह इस बात की गहराई से जांच करे कि क्या राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से यह खेल रचा गया। न्यायालय से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर ग्वारीघाट पुलिस ने आरोपी मुन्ना सिंह ठाकुर राजपूत निवासी चौधरी मोहल्ला, वाटर टैंक के पीछे, रामपुर के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है । मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है। यदि जांच के दौरान इस षड्यंत्र में किसी अन्य व्यक्ति या विभाग के कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उन्हें भी सह-आरोपी के रूप में मामले में जोड़ा जाएगा। पुलिस जल्द ही नामांतरण के आधारों की पड़ताल कर न्यायालय में अंतिम अभियोग पत्र पेश करेगी।

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