गोल बाजार की सुंदरता पर लग रहा दाग
32 करोड़ की स्मार्ट सड़क योजना पर पसरा पानी

जबलपुर, यश भारत। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत गोलबाजार में सड़क चौड़ीकरण और आधुनिक फुटपाथ निर्माण का काम तेजी से किया गया, जिसमें करीब 80 फीसदी कार्य पूरा भी हो चुका है। इस दौरान दर्जनों अतिक्रमण हटाए गए थे, लेकिन अब एक बार फिर अतिक्रमणकारियों ने फुटपाथ पर कब्जा जमाना शुरू कर दिया है। कहीं भोजनालय संचालित हो रहे हैं तो कहीं अस्थायी दुकानें सजा ली गई हैं।
.jpeg)
इससे पूरे क्षेत्र की सुंदरता पर दाग लगने लगा है। फुटपाथ पर बढ़ते कब्जों के कारण हालात यह हैं कि चाय-नाश्ते की दुकानों के सामने ही ग्राहक बैठने लगे हैं, जिससे गंदगी तेजी से फैल रही है। इसके अलावा पान, कपड़े, गमले और अन्य सामानों की दुकानें भी फुटपाथ पर लग रही हैं। नतीजतन पैदल चलने वालों के लिए जगह नहीं बच रही और लोगों को मजबूरी में सड़क पर उतरना पड़ रहा है, जिससे हादसों का खतरा बना हुआ है। अतिक्रमण का असर केवल यातायात पर ही नहीं, बल्कि सौंदर्याकरण पर भी पड़ रहा है। फुटपाथ

किनारे लगाए गए पौधे ठेलों के उतार-चढ़ाव और अव्यवस्था के चलते खराब हो रहे हैं। वहीं पेवर ब्लॉक भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। दुकानों के सामने बेतरतीब वाहन पार्किंग से सड़क और संकरी हो जाती है, जिससे जाम और परेशानी बढ़ रही है। गौरतलब है कि गोलबाजार को स्मार्ट और आकर्षक बनाने के लिए लगभग 32 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे। इसमें स्मार्ट सड़क, आकर्षक फुटपाथ, एलईडी और हेरिटेज लाइट जैसी सुविधाएं विकसित की गई, लेकिन अतिक्रमण पर नियंत्रण नहीं होने से यह पूरी योजना अब सवालों के घेरे में आ गई है।







