एमपी में बिजली का झटका: 1 अप्रैल से 4.80% महंगी होगी इलेक्ट्रिसिटी

एमपी में बिजली का झटका: 1 अप्रैल से 4.80% महंगी होगी इलेक्ट्रिसिटी
नियामक आयोग ने जारी किया नया टैरिफ; बिजली कंपनियों की 10% बढ़ोतरी की मांग आधी मंजूर, LT उपभोक्ताओं को राहत
भोपाल, यशभारत। मध्यप्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत जेब पर भारी पड़ने वाली है। मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग (MPERC) ने वर्ष 2026-27 के लिए नया बिजली टैरिफ जारी कर दिया है। गुरुवार को जारी इस आदेश में प्रदेश की बिजली दरों में औसतन 4.80% की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। नई दरें अधिसूचना प्रकाशन के 7 दिन बाद यानी संभवतः 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो जाएंगी।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश की तीनों बिजली कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए 10.19% बढ़ोतरी की याचिका लगाई थी, लेकिन आयोग ने जनसुनवाई के बाद इसे करीब आधा (4.80%) ही रखा है।
प्रमुख बदलाव और राहत की बातें:
1. मिनिमम चार्जेस खत्म:
आयोग ने लो टेंशन (LT) कंज्यूमर्स को बड़ी राहत देते हुए ‘मिनिमम चार्जेस’ को पूरी तरह खत्म कर दिया है। अब उपभोक्ताओं को उपयोग की गई यूनिट के आधार पर ही भुगतान करना होगा।
2. घरेलू उपभोक्ताओं का स्लैब सिस्टम:
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पुराने स्लैब सिस्टम को ही बरकरार रखा गया है। इसमें कम खपत करने वालों पर बोझ कम रहेगा, जबकि ज्यादा बिजली जलाने वालों को अधिक दर से भुगतान करना होगा।
3. कमर्शियल और इंडस्ट्रियल रेट्स:
कमर्शियल: इनका चार्ज अब स्वीकृत लोड और वास्तविक खपत, दोनों के आधार पर तय होगा।
इंडस्ट्रियल: स्थायी (Fixed) और पावर (Power) चार्ज अलग-अलग कर दिए गए हैं।
4. खेती के लिए चरणबद्ध दरें:
एग्रीकल्चर सेक्टर के लिए दरें चरणबद्ध तरीके से तय की गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अप्रैल से इसका असर साफ दिखने लगेगा।
EV चार्जिंग: दिन में ‘सस्ता’ और रात में महंगा
इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए आयोग ने टाइम ऑफ डे टैरिफ लागू किया है।
20% की छूट: अगर आप सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे के बीच EV चार्जिंग स्टेशन पर गाड़ी चार्ज करते हैं, तो आपको 20% का डिस्काउंट मिलेगा।
20% अतिरिक्त भार: शाम 5 बजे के बाद और सुबह 9 बजे से पहले चार्ज करने पर 20% ज्यादा चार्ज देना होगा।







