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कोविशील्ड पर आखिरकार कंपनी ने कबूला खौफनाक सच, लग सकता है 2671 करोड़ रुपये का जुर्माना

 

नई दिल्ली, एजेंसी। कोरोना में लोगों ने कोविशील्ड पर वैक्सीन इस उम्मीद से लगवाई थी कि वे इस घातक बीमारी से बचे रहेंगे। लेकिन अब वही वैक्सीन कुछ लोगों को फिर से घातक बीमारी दे रही है। इस वैक्सीन को लगवाने के बाद कुछ लोगों के शरीर में खून के धक्के जम रहे हैं। ब्रिटेन के जेमी स्टॉक भी इस बीमारी का शिकार हुए थे। वह ब्रेन डैमेज का शिकार हो गए थे और अभी थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम की सस्या से जूझ रहे हैं। जेमी ने ब्रिटेन की कोर्ट में ष्टश1द्बह्यद्धद्बद्गद्यस्र वैक्सीन बनाने वाली कंपनी एस्ट्राजेनेका के खिलाफ केस दर्ज कराया है।

 

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लग सकता है भारी जुर्माना
एस्ट्राजेनेका ने कोर्ट में कुछ डॉक्यूमेंट्स जमा करा हैं जिसमें उसने यह स्वीकार किया है कि इस वैक्सीन के कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। हालांकि कंपनी ने उस बात को नकार दिया है कि इस वैक्सीन से कोई घातक बीमारी हो सकती है। कोर्ट अगर कंपनी के खिलाफ फैसला देती है तो कंपनी पर 255 मिलियन पाउंड (करीब 2671 करोड़ रुपये) का जुर्माना लग सकता है। कंपनी को यह रकम वैक्सीन से पीडि़त लोगों या उनके परिवार के सदस्यों को मुआवजे के तौर पर देनी होगी।
51 परिवार ने किया कोर्ट का रुख, पत्नी बोली-छोड़ेंगे नहीं
इस वैक्सीन को लगवाने वाले 51 परिवारों में कोर्ट का रुख किया है। वे कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने को तैयार हैं। वहीं जेमी स्टॉक की पत्नी केट ने कहा है कि वह कंपनी को छोड़ेंगी नहीं। उन्होंने कहा कि हमें कंपनी से माफी के साथ मुआवजा भी चाहिए। केट ने कहा कि मुआवजा सिर्फ उन्हें ही नहीं, उन परिवार को भी मुआवजा चाहिए जिन पर इस वैक्सीन का बुरा असर पड़ा है। केट ने उम्मीद जताई कि उन्हें जल्दी या देरी से सही, न्याय जरूर मिलेगा।
लोगों में हो रही ञ्जञ्जस् की बीमारी
कंपनी ने कोर्ट में जो डॉक्यूमेंट पेश किए हैं, उनमें उसने स्वीकार किया है कि वैक्सीन लेने के बाद थ्रोम्बोसिस थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम का खतरा रहता है। इसमें दिमाग या शरीर के दूसरे अंगों की नसों में खून का थक्का जम जाता है और प्लेटलेट्स कम हो जाती हैं। दिमाग में खून का थक्का जमने से ब्रैन डैमेज हो सकता है। अगर स्थिति ज्यादा गंभीर हो जाए तो शख्स की मौत भी हो सकती है। कई मामलों में मरीज हार्ट अटैक भी हो सकता है। हालांकि कंपनी ने यह भी कहा है कि अगर किसी शख्स में ऐसी बीमारी होती है तो यह दुर्लभ होगी। ऐसे में इससे डरने की जरूरत नहीं है।

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Yash Bharat

Editor With मीडिया के क्षेत्र में करीब 5 साल का अनुभव प्राप्त है। Yash Bharat न्यूज पेपर से करियर की शुरुआत की, जहां 1 साल कंटेंट राइटिंग और पेज डिजाइनिंग पर काम किया। यहां बिजनेस, ऑटो, नेशनल और इंटरटेनमेंट की खबरों पर काम कर रहे हैं।

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