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सर्वेयर और नोडल को बचा रहा प्रशासन वेयरहाउस मालिक पर एफआईआर

राजनीतिक पहुंच से बचा सर्वेयर

सर्वेयर और नोडल को बचा रहा प्रशासन वेयरहाउस मालिक पर एफआईआर

जबलपुर, यश भारत।मझौली में हुए करोड़ों रुपए के धान घोटाले में एक तरफ जहां दो माह के बाद पहली गिरफ्तारी हुई है, जिसमें श्रीजी वेयरहाउस के संचालक सुभाष पालीवाल को सीसीटीवी पुटेज में छेड़छाड़ के मामले में गिरफ्तार किया गया है, वहीं दूसरी तरफ मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। वहीं लंबा समय बीत जाने के बाद भी जांच के नाम पर समिति में सर्वेयर और नोडल अधिकारी को स्नढुक्र के दायरे से बाहर रखा गया है, जबकि इस पूरे भ्रष्टाचार में उनकी भूमिका और सहभागिता सबसे ज्यादा सवालों के घेरे में है। पहले जो स्नढक्रइस मामले में दर्ज की गई थी, उसमें समिति के केंद्र प्रभारी रत्नेश भट्ट और ऑपरेटर गगन सेन को आरोपी बनाया गया था। बाद में सीसीटीवी फुटेज में छेड़छाड़ का मामला बनाकर गोदाम संचालक को भी गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन इस पूरे खेल की सबसे पहली कड़ी सर्वेयर के खिलाफ अभी तक कोई भी

राजनीतिक पहुंच से बचा सर्वेयर

इस पूरे मामले में बड़ी संख्या में किसान भुगतान को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन जिला प्रशासन द्वारा तकनीकी आधार पर जांच करके और किसानों के फोन का सीडीआर चेक करके भुगतान कर दिया गया है। लेकिन सवाल यह उठता है कि जिन किसानों के पास केंद्र की डिपॉजिट पर्ची है, वह उन्हें ऑपरेटर द्वारा कैसे दे दी

मझौली धान घोटाला

कार्रवाई नहीं की गई है, जबकि खरीदी की सारी एंट्रियां सर्वेयर की आईडी से पास होने के बाद ही की गई हैं। इस पूरे मामले में विभागीय सूत्रों का कहना है कि क्योंकि नोडल अधिकारी राजस्व विभाग से थी, इस कारण उसे जिला प्रशासन द्वारा बचा लिया गया। वहीं सर्वेयर एक बड़ी निजी कंपनी का कर्मचारी है, जो प्रदेश स्तर पर क्वालिटी का काम देखता है, जिसके ऊपर बड़ा राजनीतिक संरक्षण है। ऐसे में राजनीतिक दबाव और कंपनी की पहुंच के चलते उसे भी बचा लिया गया। गई, क्योंकि जब तक सर्वेयर अपनी आईडी से किसान का अनाज पास नहीं करता है, तब तक किसान की उक्त आईडी ऑपरेटर के पास ओपन हो ही नहीं सकती। ऐसे में सर्वेयर की भूमिका सबसे ज्यादा संदिग्ध है। साथ ही इस पूरी खरीदी व्यवस्था पर नजर रखने के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति भी की गई थी, तो फिर यह कैसे संभव है कि नोडल अधिकारी की जानकारी के बिना हजारों क्विंटल धान की एंट्री कर दी गई।

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