मध्य प्रदेशराज्य

ईलाज में लापरवाही और प्रताड़ना के आरोपों की जांच शुरू : कारण बताओं नोटिस जारी

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यश भारत,डिंडोरी l सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बजाग में पदस्थ रहे तत्कालीन ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर पर आरोपों और शिकायतों का सिलसिला थम नहीं रहा है l लगातार अनेक आरोप लग रहे है कुछ दिन पहले उनके द्वारा शासकीय भवन में बैठकर कथित तौर पर नशा करने का वीडियो वायरल हुआ था और यह मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि फिर से क्षेत्रीय ग्रामीणों और स्टॉफ के कर्मचारियों द्वारा उन पर कई गंभीर लगाए गए है जिसकी लिखित शिकायत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डिंडोरी कार्यालय में की गई है। शिकायतों के आधार पर पूर्व बीएमओ विपिन सिंह राजपूत को पांच बिंदुओं का कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर जवाब तलब किया गया हैl

गौरतलब है कि उनके द्वारा बी एम ओ पद का दुरूपयोग किया गया है। उनकी कार्यशैली विवादित रही है। वही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से कई मामलों के कारण बताओ नोटिस जारी हुए है और इतनी ही शिकायतें पीड़ित मरीजों द्वारा सी एम हेल्पलाइन में की गई है विवादास्पद कार्यप्रणाली को लेकर इनको हटाने के लिए नगर में लोगो को चक्काजाम तक करना पड़ा था सभी कारणों के मद्देनजर फिलहाल तो उन्हें बीएमओ के प्रभार से मुक्त कर दिया गया है लेकिन क्षेत्रीय ग्रामीणों का कहना है कि उक्त चिकित्सक को सी एच सी से पूरी तरह कार्यभार मुक्त कर अन्यत्र स्थानांतरण किया जावे।

प्रताड़ना का आरोप नोटिस जारी- सी एम एच ओ कार्यालय से जारी नोटिस में तत्कालीन बीएमओ व वर्तमान चिकित्सा अधिकारी के संदर्भ में उल्लेख किया गया है कि विकास खंड बजाग अंतर्गत निवासरत ग्रामीणों एवं शासकीय सेवकों के द्वारा प्रताड़ित करने एवं विभिन्न प्रकार की पदीय लापरवाहियों के संबंध में शिकायतीपत्र कार्यालय को प्राप्त हुआ है जिसमें अरविंद कुमार साहू निवासी बजाग के द्वारा लगाए गए आरोप के अनुसार बालक का इलाज नहीं किया गया तथा इलाज करने के दौरान नशे में रहने का जिक्र आवेदन पत्र में किया है वहीं ओपीडी में ना मिलने का भी आरोप लगाया है। प्रदीप कुमार साहू निवासी बजाग के द्वारा लगाए गए आरोप के अनुसार 23/06/2025 इनके बालक के इलाज में लापरवाही की गई थी एवं अभद्रता की गई थी। जनपद सदस्य लोकेश पटेरिया एवं अन्य ग्रामीणों के द्वारा संयुक्त रूप से हस्ताक्षरित शिकायती पत्र के अनुसार नशे में रहते हैं एवं मरीजों के साथ अभद्रता करते हैं lसरकारी अस्पताल में रहते हुए प्रायवेट क्लीनिक चलाते हैं समय पर एम एल सी नहीं करते हैं। उक्त संबंध में नोटिस प्राप्ति के 3 दिवस के भीतर स्पष्टीकरण कार्यालय में प्रस्तुत करने कहा गया है।

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