बीमार और नौनिहालों तक की खुराक में करना पड़ रही कटौती
दूध के बढे दाम पारिवारिक कलह का कारण भी बन रहे

जबलपुर,यश भारत। 2 महीने से ज्यादा का समय हो गया है जब जबलपुर शहर में दूध 75 से 280 लीटर तक बिक रहा है। समाज के विभिन्न वर्गों में इसका व्यापक असर दिखाई भी दे रहा है और लोग परेशान भी हैं। जिन घरों में बीमार बुजुर्ग हैं या फिर नौनिहाल बच्चे उनकी खुराक में कटौती करना भी आम आदमी की लाचारी बन गई है। महंगा दूध होने के कारण पूर्व में जहां जिन घरों में 1 लीटर दूध लिया जाता था वे अब आधा लीटर से ही गुजारा कर रहे हैं। कई घरों में तो दूध अब कलह का कारण भी बन रहा है। क्योंकि पहले ज्यादा दूध आता था लेकिन महंगा होने के बाद अब लोगों को कम दूध लेना पड रहा है और यही कलह की वजह बन रहा है। महंगाई का असर हर चीज़ पर दिख रहा है लेकिन सरकार आम आदमी से जुड़े इस गंभीर मामले में जिस तरह से उदासीन नजर आ रही है वह उसकी कथनी और करनी को उजागर करती है।
सुहागी की रहने वाली विनीता कुशवाहा का कहना है कि उनके परिवार की आय सीमित है ऐसे में महंगा दूध खरीदना मुसीबत बढ़ाने वाला बना हुआ है प्रशासन को चाहिए कि इस मामले में ठोस कार्यवाही कर डेरी संचालकों की मनमानी पर प्रभावी अंकुश लगाये।
पेंटर का काम करने वाले ताज मोहम्मद का कहना है कि दूध महंगा हो रहा है, बच्चों और चाय का खर्च संभालना मुश्किल हो गया है। घर का बजट अब गड़बड़ाने लगा है।
रामनगर निवासी श्रीमती तबस्सुम अंसारी का कहना है कि महंगे दूध के कारण सुबह-सुबह लड़ाई-झगड़े होने लगे। इससे घर का माहौल खराब हो रहा है।
सैलून संचालक राम श्रीवास के अनुसार हमारी रोज की आमदनी तय है, पर खर्च बढ़ते जा रहे हैं। अब दो लीटर दूध भी सोच-समझकर खरीदना पड़ता है।
चाय पान की दुकान चलाने वाले बित्रू कनौजिया के अनुसार डेयरी उत्पादों के दाम बढ़ने से महीने का खर्च दो-तीन हजार बढ़ गया है।







