बारदाना घोटाले के आरोपी को बचाने की साजिश, खरीदी केंद्र कांटी का मामला, शासकीय बारदाने को निजी गोदाम में रखने का आरोप

कटनी, यशभारत। गेहंू खरीदी से जुड़े एक मामले में भ्रष्टाचार के आरोपी पर एसडीएम के निर्देशों के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई। वारदाना घोटाले के आरोपी को बचाने की कोशिशें की जा रही है। 15 दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी केंद्र प्रभारी अनमोल दुबे को पद से नहीं हटाया गया है। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सोमवार को राष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक टाईगर्स संस्थान ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। संस्था ने जिला आपूर्ति अधिकारी पर संरक्षण और मिलीभगत के आरोप लगाए हैं, जिससे प्रशासन की निष्पक्षता पर सवालिया निशान लग गया है। मामला खरीदी केंद्र कांटी का है, जहां शासकीय बारदाने को कथित रूप से निजी गोदाम में रखकर गबन किया गया है। जांच में अनमोल दुबे दोषी पाए गए, जिसके बाद एसडीएम ने 16 अप्रैल को आदेश जारी किया था कि आरोपी को तुरंत हटाकर एफआईआर दर्ज की जाए। लेकिन एसडीएक का यह आदेश कागजों में दफन हो गया और आरोपी आज भी पद पर बना हुआ है। संस्थान के पदाधिकारी कमल कुमार शर्मा ने आरोप लगाया कि डीएसओ ने एसडीएम के आदेश को नजरअंदाज किया। ऐसा लग रहा है कि प्रशासन जानबूझकर मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है। संस्था की मांग है कि मामले में तत्काल कार्रवाई की जाए। संस्था ने प्रशासन को 3 दिन का अल्टीमेटम दिया है। चेतावनी दी गई है कि यदि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो कलेक्ट्रेट घेराव किया जाएगा और लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई जाएगी।
तौल पर्ची बनाने का समय बढ़ा, शाम 6 बजे की बजाए रात 10 बजे तक बनेगी पर्ची
राज्य सरकार ने गेहूं खरीदी में किसानों को बड़ी सुविधा दी है। इसमें तौल पर्ची बनाने का समय बढ़ा दिया गया है। बताया जाता है कि तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक कर दिया गया है। इसके साथ ही देयक जारी करने का समय रात 12 तक तय किया है। खाद्य विभाग द्वारा प्रति घंटा स्लॉट बुकिंग एवं उपार्जन की मॉनिटरिंग की जा रही है। इसके साथ ही एनआईसी सर्वर की क्षमता एवं संख्या में वृद्धि कराई गई है। किसानों के हित में गेहूं उपार्जन की अवधि 9 मई से बढ़ाकर 23 मई तक की जा चुकी है। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई है तथा तौल कांटों की संख्या में वृद्धि का अधिकार जिलों को दिए जाने का निर्णय भी लिया गया। उपार्जन केन्द्र पर किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। इसमें बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्प्यूटर, नेट कनेक्शन, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि की व्यवस्था की गई है।







