छोटे भाई से हुए विवाद में बड़े भाई की हत्या, मृतक और आरोपी आपस में रिश्तेदार हैं , करीब डेढ़ साल से चल रहा था विवाद, 2 आरोपी फरार

सागर यश भारत (संभागीय ब्यूरो)/ जिले के मोतीनगर थाना क्षेत्र के संत रविदास वार्ड में शनिवार की रात क़रीब 8 बजे पुरानी बुराई के चलते एक युवक की हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान अरविंद अहिरवार (31) निवासी संत रविदास वार्ड के रूप में हुई है। मारपीट और बीच-बचाव में उसका छोटा भाई भी गंभीर रूप से घायल हो गया है। घायल को इलाज के लिए बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
मोतीनगर थाना टीआई जसवंत सिंह राजपूत द्वारा यश भारत के संभागीय ब्यूरो को दी गई जानकारी के अनुसार मृतक और आरोपी आपस में रिश्तेदार हैं और उनमें करीब डेढ़ साल से आपसी विवाद चल रहा था। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ लोग एक युवक पर रॉड व डंडों से बेरहमी के साथ हमला करते दिख रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मृतक अरविंद का छोटा भाई साहब अहिरवार अपने घर के पास संत रविदास मंदिर के बाहर बैठा था, तभी उसका विवाद रिश्तेदार जीवन लाल अहिरवार, प्रभु दास अहिरवार और कुछ अन्य लोगों से हो गया। विवाद की जानकारी मिलने पर बीच-बचाव करने पहुंचे बड़े भाई अरविंद पर आरोपियों छोटू अहिरवार, कमलेश, प्रभुदास, अर्जुन एवं बाबू अहिरवार ने तलवार, लोहे की रॉड, डंडों और खपचे (कैंची) से हमला कर दिया। हमले में बुरी तरह घायल दोनों भाइयों को इलाज के लिए बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज भेजा गया जहां प्रारंभिक जांच में डॉक्टर ने अरविंद को मृत घोषित कर दिया गया तथा साहब सिंह को इलाज के लिए भर्ती कर लिया गया।
थाना प्रभारी जसवंत सिंह राजपूत ने बताया कि पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हत्या का मामला दर्ज कर जीवन अहिरवार, प्रभुदास, अर्जुन एवं बाबू अहिरवार को हिरासत में ले लिया है जिनसे पूछताछ की जा रही है तथा छोटू अहिरवार व कमलेश मौके से फरार हो गए हैं जिनकी तलाश की जा रही है।
परिजनों ने लाश सड़क पर रखकर लगाया जाम
घटना के अगले दिन रविवार को मृतक का पोस्टमार्टम कर पुलिस ने शव को उसके परिजनों को सौंप दिया। लेकिन लेकिन मृतक के परिजन उसका शव लेकर मोती नगर चौराहे पर पहुंच गए और सड़क पर रखकर जाम लगा दिया जिससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइन लग गई। वे आरोपियों के घर गिरने और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। चक्का जाम की जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी जसवंत सिंह राजपूत पुलिस बल के साथ वहां पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाइए देते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही का भरोसा दिया जिस पर उन्होंने चक्का जाम समाप्त कर दिया।






