कटनीजबलपुरमध्य प्रदेश

कनक कनक ते सौ गुनी मादकता अधिकाय

सोने के अकूत भंडार की खबर से कईयों की नींद और चैन गया

जबलपुर यश भारत।कनक कनक ते सौ गुनी मादकता अधिकाय” यह एक प्रसिद्ध दोहा है जो बिहारी लाल द्वारा लिखा गया है। इसका अर्थ है कि “कनक” (धतूरा) से सौ गुना अधिक नशा “कनक” (सोना) में होता है। धतूरा खाने से आदमी पागल हो जाता है, लेकिन सोना पाने से भी आदमी पागल हो जाता है, क्योंकि सोने के लालच में व्यक्ति अपनी सुध-बुध खो देता है।
इस दोहे में “कनक” शब्द का दो बार प्रयोग हुआ है, और दोनों बार इसका अर्थ अलग-अलग है। पहली बार “कनक” का अर्थ धतूरा है, जो एक नशीला फल है। दूसरी बार “कनक” का अर्थ सोना है, जो एक मूल्यवान धातु है। इस प्रकार, यह दोहा यमक अलंकार का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जहां एक ही शब्द का दो बार प्रयोग होता है और दोनों बार उसका अर्थ अलग-अलग होता है।
इस दोहे का भाव यह है कि धन का लालच धतूरे के नशे से भी ज्यादा खतरनाक होता है। धतूरे का नशा तो खाने के बाद ही चढ़ता है, लेकिन धन का लालच तो पाने मात्र से ही चढ़ जाता है।

धतूरा खाने से व्यक्ति पागल हो जाता है, लेकिन सोना पाने से व्यक्ति धन के लालच में पागल हो जाता है.
धतूरे का नशा तो कुछ समय के लिए होता है, लेकिन सोने का लालच व्यक्ति को हमेशा के लिए पागल कर देता है। किसी जमाने मै लिखा गया यह दोहा आज भी उतना प्रासंगिक है जितना शायद उस समय रहा होगा जब इसे लिखा गया था। आज इस दोहे का जिक्र इसलिए किया जा रहा है क्योंकि जब से यह खबर मीडिया के जरिये सामने आई है कि कटनी और जबलपुर जिले के सिहोरा और पड़ोसी जिला कटनी के आसपास सोने का अकूत भंडार है। इस एक खबर ने जबलपुर और कटनी जिले का नाम पूरे देश में सुर्खियों में ला दिया है। इसके अलावा उन लोगों की रात की नींद भी उड़ गई है जिन्हें सोने की चाहत है। दिन में खनिज कारोबारी से लेकर बड़े-बड़े उद्योगपति और आम आदमी भी शामिल है इनमें वह लोग भी हैं जिनकी जमीन इस क्षेत्र के आसपास है उन्हें यह लग रहा है कि भगवान करे कि उन्हें की जमीन सोना उगलने लगे तो दूसरी तरफ ऐसे लोग भी एक्टिव हो गए हैं जो एन केन प्रकारेण इस क्षेत्र में जमीन खरीदना चाह रहे हैं। और सभी के दिल में एक ही हसरत है कि ज्यादा से ज्यादा सोना उनके हिस्से में आ जाए।

01 12

गौरतलब है कि जब से जबलपुर कै सिहोरा और कटनी से लगे कुछ हिस्से में खनन के दौरान सोना निकलने की खबर सामने आई है. खनन विभाग ने बताया कि सोना मिला है लेकिन कितना मिला है इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता.

स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त आने से पहले ही ‘मेरे देश की धरती सोना उगले, उगले हीरे-मोती’ वाला गाना मध्य प्रदेश में जबलपुर में सच हो सकता है. उनके यहां धरती ने कथित तौर पर सोना उगला है. जबलपुर में सिहोरा के एक गांव में खुदाई के दौरान कुछ ऐसी धातुएं मिलीं, जिन्हें खनन करने वाले लोग लैब लेकर गए हैं. इसके बाद से शोर है कि खुदाई में ‘सोना’ निकला है और गांव की जमीन के नीचे भारी मात्रा में सोने का भंडार मौजूद है. तभी से हर किसी की जबान पर यही चर्चा है कि इस सोने से न सिर्फ गांव की बल्कि पूरे प्रदेश की किस्मत बदल जाएगी. लेकिन खनन विभाग के अधिकारी इस पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। एक
रिपोर्ट के अनुसार, जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के लोग सिहोरा तहसील में बेला और बिनैका गांव के बीच खुदाई कर रहे थे. तकरीबन 100 हेक्टेयर की जमीन पर हफ्तों तक खुदाई के बाद कथित तौर पर कीमती धातुएं मिलीं. इसके सैंपल जुटाए गए हैं।

जीएसआई के अधिकारियों का कहना है कि जबलपुर के आसपास के क्षेत्र में सभी तरह के खनिज पाए जाते हैं. सोना मिलने की भी पुष्टि हुई है, लेकिन ये सोना कितना और कहां तक है इसकी जांच की जा रही है. सोने का खनन वहीं किया जा सकता है, जहां खनन की लागत से ज्यादा मात्रा में सोना निकले. जीएसआई के मुताबिक

सोना सबकी पसंदीदा चीज है. इसलिए जैसे ही लोगों को पता चला कि खनन में सोना निकला है तो लोग इसकी चर्चा करने लगे. हमें भी पता चला है कि खुदाई में गोल्ड मिला है. लेकिन अभी हम ये नहीं कह सकते कि यहां पर कितना गोल्ड है और यहां और खनन किया जाना चाहिए या नहीं.

सोना खुदाई में कई बार कई जगहों पर निकलता है. ऐसे ही यहां पर भी निकला है, लेकिन यहां सोने का भंडार है, इसकी तस्दीक के लिए अभी और काम करना पड़ेगा।

राजेश शर्मा राजू

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button