हर-हर महादेव : जय घोषों से शिवमय हुआ नगर

नरसिंहपुर यशभारत। आज सावन सोमवार के तीसरे सोमवार को अल सुबह से ही शिवालायों में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ देखी गयी। महिलाओं सहित पुरूषों ने शिव मंदिरों में पहुंच पूजन-अर्चन कर शिव अभिषेक किया और सुख समृद्धि की कामना की।
पूरा -पूरा श्रावण मास जप, तप और ध्यान के लिए उत्तम होता है, पर इसमें सोमवार का विशेष महत्व है। सोमवार का दिन चन्द्र ग्रह का दिन होता है और चन्द्रमा के नियंत्रक भगवान शिव हैं अत: इस दिन पूजा करने से न केवल चन्द्रमा बल्कि भगवान शिव की कृपा भी मिल जाती है कोई भी व्यक्ति जिसको स्वास्थ्य की समस्या हो, विवाह की मुश्किल हो या दरिद्रता छायी हो अगर सावन के हर सोमवार को विधि पूर्वक भगवान शिव की आराधना करता है तो तमाम समस्याओं से मुक्ति पा जाता है, सोमवार और शिव जी के सम्बन्ध के कारण ही माँ पार्वती ने सोलह सोमवार का उपवास रखा था। सावन का सोमवार विवाह और संतान की समस्याओं के लिए अचूक माना जाता है। शिव आराधना का पर्व शुरू होते ही शहर में चारों ओर शिवजी के जयकारे गूंज रहे हैं। सावन माह के पहले सोमवार को शहर के शिवालयों में धार्मिक अनुष्ठान हुए। महादेव पिपरिया में भी श्रद्धालुओं की काफी भीड़ देखी जा रही है। श्रद्धालु पहुंचकर पूजन अर्चन कर रहे है।
होती है अच्छे वर की कामना पूरी
बरमान निवासी कु. दीक्षा चौधरी, शंकर वार्ड निवासी श्रीमती प्रीति ने बताया कि जो भी कुआरी लड़कियां सावन माह के सोमवार का व्रत धारण करती है उन्हें मनोवंचित वर की प्राप्ति होती है। कु. दीक्षा ने आगे बताया कि वह काफी लम्बे समय से सोमवार का व्रत धारण कर रही है, वहीं वह 16 सोमवार भी पूर्ण कर चुकी है।
इतवारा बाजार निवासी श्रीमती रोशनी रूषा ने बताया कि सावन माह के सोमवार को जो युवतियां उपवास कर भगवान भोलेनाथ का आस्था व पूर्ण विश्वास के साथ पूजा-अर्चना करती है उनकी अच्छे वर की कामना भगवान देवादिदेव महादेव अवश्य पूरी करते है। श्रीमती नीता पुआरिया ने बताया कि सावन माह में जो भी स्त्री सच्चे मन से भगवान शिव का पूजन-अर्चन करती है भगवान उनकी हर मनोकामनाएं पूर्ण करते है। कु. जानवी पुआरिया कहती है कि मैं हर सावन माह में भगवान देवाधिदेव का व्रत करती हंू और ऐसे भी सोमवार को व्रत रखकर भगवान का पूजन अर्चन करती हुं। इस वर्ष भी मैंने सावन माह के सोमवार का व्रत रखा और घर में भोलेनाथ का अभिषेक भी कराया है। श्रीमती शेवी ने बताया कि मैं सावन माह के सोमवार का व्रत करती हंू और अल सुबह ही शिवालय जाकर शिव जी की पूजन-अर्चना करती हूं। नगर के विभिन्न शिवालयों में महिलाओं, युवतियों, पुरूषों की अच्छी खासी भीड़ देखी गयी। अल सुबह से ही शिवालयों में श्रद्धालुओं के पहुंचने का क्रम प्रारंभ हो गया था जो दोपहर तक चलता रहा। वहीं जिन नगर के शिवालयों में शिव महापुराण का आयोजन किया गया था वहां चहल-पहल बनी रही। घरों-घर सहित नगर के शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गयी। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का अभिषेक किया और सुख समृद्धि की कामना की।
नगर हुआ शिवमय
सावन माह को देखते हुए नगर के सभी शिव मंदिरों में भगवान शिव की आराधना को लेकर तैयारियां जोरों से चल रही थी। आज सावन के पहले सोमवार को बाबा के पूजन की तैयारियों को लेकर भक्तों ने एक दिन पहले ही कर ली थी। पूजन के लिए बेलपत्र, धतूरा, फूल-फल सहित अन्य पूजन सामग्री लेते दिखाई दिए। मंदिरों में भोलेनाथ के जयकारे गूंज रहे है। ऐसी मान्यता है कि सावन के पूरे 1 महीने भगवान भोलेनाथ धरती पर निवास करते हैं इसलिए भगवान शिव की पूजा अर्चना जलाभिषेक करने से सभी मनोकामना पूर्ण होती हैं विशेष कर सोमवार के दिन पूजन का विशेष महत्व बताया गया है वही भगवान शिव की अक्षत धतूरा सफेद चंदन गुलाल अबीर इत्र शमी के पत्ते खीर हलवा बेलपत्र और चौमुखी घी का दीपक शिव चालीसा पाठ आरती व प्रसाद का वितरण करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।







