भोपाल

मदरसों/स्कूलों को नोटिस देकर किया तलब, फार्म भरने का पुलिस करेगी डेमो 

मदरसों/स्कूलों को नोटिस देकर किया तलब, फार्म भरने का पुलिस करेगी डेमो
-तीन दिन में दस्तावेज लेकर क्राइम ब्रांच में प्रस्तुत होना होगा
भोपाल यशभारत।
राजधानी के अल्पसंख्यक छात्रों की छात्रवृत्ति घोटाला मामले में क्राइम ब्रांच ने चालीस से ज्यादा मदरसों/स्कूलों को नोटिस जारी किया है। सभी मदरसा व स्कूल प्रबंधकों को तीन में छात्रवृत्ति और मान्यता से संबंधित दस्तावेज लेकर जांच अधिकारी के सामने प्रस्तुत होना होगा। वहीं संस्थानों में पढ़ाई करने वाले सभी छात्रों की भी जानकारी तलब की गई है।
जानकारी के मुताबिक केन्द्र सरकार द्वारा दी जाने वाली पिछड़ा वर्ग-अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना में घोटाला उजागर हुआ है। इस घोटाले में भोपाल जिले के 40 से ज्यादा मदरसे और निजी स्कूल शामिल हैं। इन संस्थाओं को पहली से 8वीं कक्षा तक की मान्यता प्राप्त है। इसके बावजूद कक्षा 9वीं से 12वीं तक के 972 फर्जी छात्रों के नाम पर छात्रवृत्ति निकाली। यह गड़बड़ी वर्ष 2021-22 में हुई। इस पूरे कारनामे में करीब 57 लाख 78 हजार रुपए का घोटाला किया गया। क्राइम ब्रांच अधिकारियों के मुताबिक, शिकायत मिलने पर सभी दस्तावेजों का मिलान किया गया। 972 फर्जी नामों से छात्रवृत्ति निकाली गई है। संबंधित मदरसों/स्कूलों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। जांच में 83 शिक्षण संस्थाओं को रेड लैग कर संदिग्ध माना गया है।
फार्म भरने का होगा डेमा-
इस मामले में मदरसों व स्कूलों में किस तरह ऑन लाइन फार्म भरकर छात्रवृत्ति ली गई है। उसका पता लगाने के लिए क्राइम ब्रांच मदरसों व स्कूल प्रबंधकों से ऑन लाइन फार्म भरने का डेमो कराकर देखेगी।
कैसे किया छात्रवृत्ति घोटाला-
इन मदरसों व स्कूलों प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत लॉगइन और पासवर्ड दिए गए थे, ताकि वे पात्र छात्रों को नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर रजिस्टर कर सकें। लेकिन इन्होंने अपनी मान्यता से बाहर जाकर 9वीं से 12वीं तक के फर्जी नाम दर्ज किए और स्कॉलरशिप की राशि हड़प ली। केंद्र सरकार के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के पोर्टल से संस्थाओं की मान्यता और छात्रों की वास्तविक संख्या की जानकारी ली गई है। जब इसे नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर दर्ज छात्रों से मिलाया गया तो गड़बड़ी उजागर हुई।
इनका कहना है-
सभी मदरसों/निजी स्कूलों को नोटिस जारी किया जा रहा है। तीन दिन का समय दिया गया है। सभी को मान्यता और छात्रों की जानकारी सहित क्राइम ब्रांच में प्रस्तुत होने को कहा गया है।
शैलेन्द्र सिंह चौहान, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अपराध, भोपाल शहर

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