सिवनी यश भारत:-सिवनी में हुए हवाला के लगभग करोड़ रुपये की डकैती मामले में निलंबित एसडीओपी पूजा पांडे, एसआइ अर्पित भैरम व अन्य नौ पुलिसकर्मियों की न्यायिक हिरासत 13 नवंबर तक सत्र न्यायालय ने बढ़ा दी है। निलंबित एसडीओपी की जमानत याचिका को पहले ही न्यायालय खारिज कर चुका है। 17 अक्टूबर को जिला कारी, न्यायालय ने सभी 11 पुलिसकर्मियों को 14 दिनों की न्यायिक रिमांड में जेल भेजा था। आज एसडीओपी पूजा पाण्डे को सेन्ट्रल जेल रीवा और एसआई अर्पित भैरम सहित 10 पुलिसकर्मियो को सेंट्रल जेल नरसिंगपुर शिफ्ट किया गया है।
इस प्रकरण में न्यायालय ने सभी 11 पुलिस कर्मियों की न्यायायिक रिमांड 13 नवंबर तक बढ़ा दी है। प्रकरण में जांच कर रहे जबलपुर क्राइम ब्रांच एएसपी व एसआइटी प्रभारी जितेन्द्र सिंह सिवनी पहुंचे है। हवाला प्रकरण में एसआइटी की विवेचना कहां तक पहुंची यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। हवाला कारोबारियों के नेटवर्क को खंगाल रहा क्राइम ब्रांच का जांच दल हवाला के 2.96 करोड़ रुपये की डकैती में शामिल एसडीओपी पूजा पांडे के मोबाइल से व्हाट्सअप काल में हुई बातचीत का डाटा मिलने का इंतजार कर रहा है। डाटा मिलने के बाद प्रकरण में संदिग्धों से पूछताछ की कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।
सिवनी जेल के जेलर अजय वर्मा ने वताया की एसडीओपी पूजा पांडे को सेंट्रल जेल रीवा और एसआइ अर्पित भैरम के अलावा अन्य नौ पुलिसकर्मी प्रधान आरक्षक माखन इनवाती, रविंद्र उइके, राजेश जंघेला, आरक्षक योगेंद्र चौरसिया, नीरज राजपूत, जगदीश यादव, आरक्षक रितेश वर्मा, गनमैन केदार बघेल व सुभाष सदाफल को सेंट्रल जेल नरसिंगपुर में शिफ्ट किया गया।है। सभी 11 पुलिस कर्मियों पर हवाला रुपयों की डकैती, अपहरण व आपराधिक षडयंत्र जैसी संगीन धाराओं का 14 अक्टूबर को लखनवाड़ा पुलिस थाना में प्रक्रण दर्ज किया गया था।
जानकारी के अनुसार सिवनी में कुछ आपराधिक मामलों में आरोपी जेल में है जिन्हें जेल भेजने में एसडीओपी सहित 11 पुलिसकर्मी में सहयोगी थे। सिवनी जेल में अन्य अपराधियों और पुलिसकर्मियो के बीच विवाद न हो जाये इस संभावना को देखते हुए पुलुसकर्मियो को अन्य जेल में शिफ्ट किया गया है।