
हाई कोर्ट का यू-टर्न, राहुल गांधी के खिलाफ नहीं होगी एफआईआर
लखनऊ, यश भारत इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से जुड़े कथित दोहरी नागरिकता मामले में अपने ही आदेश पर विराम लगा दिया है। ओपन कोर्ट में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश देने के बाद खंडपीठ ने उस आदेश को लागू होने से पहले ही रोक दिया।
शनिवार को अदालत की वेबसाइट पर जारी आदेश में स्पष्ट किया गया कि शुक्रवार की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने याची, केंद्र सरकार और राज्य सरकार के अधिवक्ताओं से यह पूछा था कि क्या इस मामले में विपक्षी संख्या एक, यानी राहुल गांधी को नोटिस जारी करना आवश्यक है। अधिवक्ताओं ने कोर्ट को बताया कि नोटिस की जरूरत नहीं है, जिसके बाद अदालत ने एफआईआर दर्ज करने का विस्तृत आदेश सुना दिया था।
हालांकि, आदेश के औपचारिक रूप से टाइप और हस्ताक्षरित होने से पहले न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने एक महत्वपूर्ण कानूनी पहलू पर ध्यान दिया। उन्हें वर्ष 2014 में इलाहाबाद हाई कोर्ट की पूर्ण पीठ के उस निर्णय का संज्ञान हुआ, जिसमें कहा गया है कि एफआईआर दर्ज कराने की मांग वाली याचिका खारिज होने की स्थिति में पुनरीक्षण याचिका ही स्वीकार्य होती है और ऐसे मामलों में प्रस्तावित अभियुक्त को नोटिस देना अनिवार्य है।







